होम सेमीफाइनल की तैयारी: भाजपा पर पांचों राज्यों में जीत का दबाव
सेमीफाइनल की तैयारी: भाजपा पर पांचों राज्यों में जीत का दबाव
अगले कुछ महीने में उत्तर प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हैं। भाजपा और कांग्रेस इन विधानसभा चुनावों के नतीजों से लोकसभा तक पहुंचने वाले गलियारे का आकलन करेंगी। तकरीबन 20 फीसदी लोकसभा सीटें इन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान तय कर ली जाएंगी। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस ने अपना पूरा रोड मैप 2024 के लिए केंद्रित कर दिया है। भाजपा के ऊपर एक मानसिक दबाव यह भी है कि उन्हें एक बार सरकार बनाने के बाद दोबारा सरकार बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार एंटी-इनकंबेंसी के चलते सरकार से बाहर भी रहना पड़ता है।
2022 है 2024 का सेमीफाइनल
उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में लोकसभा की 102 सीटें हैं। इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 80, पंजाब में 13, उत्तराखंड में पांच, गोवा में दो और मणिपुर में दो लोकसभा सीटें शामिल हैं। यह सभी सीटें देश के कुल लोकसभा सीटों की 20 फीसदी के करीब हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस इन पांच राज्यों के चुनावी नतीजों को 2024 के होने वाले चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देख रही हैं। भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में जिस तरीके की योजनाएं बनाई गई हैं वह न सिर्फ 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए हैं बल्कि लोकसभा के चुनावों को ध्यान में रखकर रणनीतिक तौर पर उनका खाका खींचा गया है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां के परिणाम इस बात का स्पष्ट जनादेश और संदेश देंगे कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में किस स्तर की मेहनत करनी होगी। उनका कहना है कि कुछ दिनों पहले जिस तरीके से उपचुनाव में खासकर हिमाचल प्रदेश में जो परिणाम सामने आए हैं, वह पार्टी के लिए निश्चित तौर पर न सिर्फ चिंता की बात है, बल्कि उसे दुरुस्त करने की पूरी योजनाएं तैयार की गई हैं।
बूथ स्तर पर करेंगे मजबूत
भाजपा के सूत्रों के मुताबिक रविवार को ही बैठक में तय हुआ है कि तैयारी लोकसभा के लिहाज से की जानी चाहिए। जिस तरीके से अगले साल होने वाले पांच राज्यों के चुनावों के संभावित परिणामों की तारीखों के बाद की रूपरेखा तय करके पार्टी कार्यकर्ता और नेताओं को टास्क दिया गया है वह स्पष्ट संदेश देता है कि तैयारी 2022 की ही नहीं बल्कि साथ-साथ 2024 की भी चल रही है। इसमें संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के दिशानिर्देश दिए गए हैं। 2022 के नवंबर-दिसंबर महीने में संबंधित इंचार्ज को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। ये सारी रिपोर्ट 2022 के अंत तक आलाकमान को देने की समयसीमा तय की गई है। उसके बाद अगले दिशा-निर्देशों पर काम किया जाएगा।
अपनों से संघर्ष कर रही है कांग्रेस
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भाजपा की सरकारें हैं। जबकि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। राजनैतिक विश्लेषक एसएन शुक्ला कहते हैं कि भाजपा को ज्यादा ताकत लगाने की जरूरत है। शुक्ला के मुताबिक भाजपा का इतिहास रहा है कि एंटी इनकंबेंसी के चलते भाजपा को कई बार या तो अगले कार्यकाल में सरकार से बाहर रहना पड़ा या फिर बड़ी मशक्कत से सरकार बनानी पड़ी। ऐसे में यह चुनौती मानसिक तौर पर ही सही लेकिन भाजपा के लिए बनी हुई है। पांचों राज्यों के होने वाले चुनावों में कांग्रेस भी जी तोड़ मेहनत कर रही है और रणनीतियां बना रही है। हालांकि यह बात अलग है कि कांग्रेस को अपनों के बीच में ज्यादा संघर्ष करना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा मशक्कत कांग्रेस की सरकार वाले राज्य पंजाब में करनी पड़ रही है।
प्रियंका गांधी पर ज्यादा भार
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक जिस तरीके से उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी को सक्रिय किया गया है, उससे निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में विशेष तरीके का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रियंका गांधी का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर ही है। सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के परिणामों के आधार पर ही प्रियंका गांधी को 2024 के लिए मैदान में नई जिम्मेदारी के साथ उतारा जाएगा। कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री का कहना है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद ही कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को भी दुरुस्त किया जाना है। ऐसे में सारी रणनीति इन राज्यों के चुनावों के परिणाम और संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करने के बाद लोकसभा के चुनावों के लिए की जाएगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी ने जिस तरीके से बीते कुछ महीने के दौरान संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करते हुए छोटी-छोटी कमेटियां बनाई हैं वह न सिर्फ आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में बल्कि लोकसभा के चुनावों में भी अपना असर दिखाएंगी। इन कमेटियों में कांग्रेस के कद्दावर नेता शामिल हैं।
यूपी: कारोबार के लिए परिवहन सुविधा में यूपी की रैंकिंग 7 अंक सुधरी
योगी सरकार के नाम एक और बड़ी कामयाबी दर्ज हो गई है। लॉजिस्टिक (व्यावसायिक परिवहन सुगमता) सुविधाओं के लिहाज से यूपी की रैंकिंग में महज दो साल में सात अंकों का सुधार हुआ है। वर्ष 2019 में जहां यूपी को देश में 13वां स्थान मिला था, वहीं इस वर्ष उसने छठा स्थान हासिल किया है। इतना ही नहीं, सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज यानी 39.84 प्रतिशत यूपी में ही है।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने लीड्स-2021 (विभिन्न राज्यों के बीच व्यावसायिक परिवहन सुगमता) के तहत जारी रिपोर्ट में यह रैंकिंग दी है। इसमें कहा गया है कि यूपी में सबसे ज्यादा 689 रेलवे गुड्स शेड्स हैं। सबसे ज्यादा 2406 कोल्ड स्टोरेज भी यहीं हैं। लॉजिस्टिक के क्षेत्र में सबसे ज्यादा 5495 प्रशिक्षित मानव संसाधन और 58 ट्रेनिंग सेंटर भी यूपी में ही हैं।यहां राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 11,737 किमी और राज्य राजमार्गों की कुल लंबाई 7147 किमी है। 16001 किमी लंबा रेलवे ट्रैक है। कोल्ड स्टोरेज क्षमता 1,47,14,235 मीट्रिक टन है। लॉजिस्टिक ईको सिस्टम और टर्मिनल पर कार्गो की सुरक्षा और संरक्षा में भी यूपी ने अधिक अंक पाए हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि यह इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि राज्य सरकार ने इस ओर विशेष ध्यान दिया। साथ ही यह भी कहा गया है कि प्रदेश की रैंक में और सुधार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की अभी काफी गुंजाइश है। परिवहन के दौरान कार्गो की सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इस सेक्टर के लिए वैधानिक बाधाएं दूर करने के लिए भी राज्य को काम करने की आवश्यकता है।
प्रयागराज: भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, ताबड़तोड़ छह गोलियां मारी गईं, हालत नाजुक
फाफामऊ थाना क्षेत्र के लेहरा गांव निवास भाजपा नेता एवं पॉपर्टी डीलर पर कार और बाइक सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। भाजपा नेता तो ताबड़तोड़ छह गोलियां मारी गईं। आननफानन में उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अजय शर्मा (35) पुत्र राजकुमार शर्मा सोमवार रात करीब 10 बजे घर से कुछ दूर स्थित अपने पाही पर जा रहे थे कि रास्ते में घात लगाए बाइक और कार सवार करीब आधा दर्जन बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। अजय को छह गोलियां लगी हैं। गोली चलने की आवाज सुनकर गांव और परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्हें तत्काल पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत नाजुक देख उन्हें स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।