होम UP: श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास गठन को विधानसभा की मंजूरी, चढ़ावा, संपत्ति और प्रशासन का अधिकार मिलेगा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को श्री बांके बिहारी मंदिर निर्माण अध्यादेश को सदन की मंजूरी मिल गई। इसी के साथ बांके बिहारी कॉरिडोर अध्यादेश विधेयक भी पास हो गया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को श्री बांके बिहारी मंदिर निर्माण अध्यादेश को सदन की मंजूरी मिल गई। इसी के साथ बांके बिहारी कॉरिडोर अध्यादेश विधेयक भी पास हो गया। सरकार का कहना है कि न्यास का गठन स्वामी हरिदास की परंपरा को आगे बढ़ाने और श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।
अध्यादेश के अनुसार, मंदिर के चढ़ावे, दान और सभी चल-अचल संपत्तियों पर न्यास का अधिकार होगा। इसमें मंदिर में स्थापित मूर्तियां, परिसर और प्रसीमा के भीतर देवताओं को दी गई भेंट, धार्मिक अनुष्ठानों के समर्थन में दी गई संपत्ति, नकद या वस्तु अर्पण, डाक/तार से भेजे गए बैंक ड्राफ्ट और चेक, आभूषण, अनुदान, हुंडी संग्रह और अन्य सभी संपत्तियां शामिल होंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वामी हरिदास के समय से चली आ रही सभी रीति-रिवाज, त्योहार, समारोह और अनुष्ठान बिना किसी हस्तक्षेप के जारी रहेंगे। न्यास दर्शन का समय तय करेगा, पुजारियों की नियुक्ति करेगा, वेतन और भत्ते निर्धारित करेगा और साथ ही भक्तों की सुरक्षा व मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
न्यास के गठन के बाद प्रसाद वितरण, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग दर्शन मार्ग, पेयजल, विश्राम बेंच, पहुंच एवं कतार प्रबंधन कियोस्क, गौशालाएं, अन्नक्षेत्र, रसोईघर, होटल, सराय, प्रदर्शनी कक्ष, भोजनालय और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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