होम फांसी घर विवाद में अरविंद केजरीवाल की पेशी, बोले- मुझे खुशी होती अगर सीवर और सड़क पर सवाल पूछे जाते
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal शुक्रवार (6 मार्च) को फांसी घर विवाद से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal शुक्रवार (6 मार्च) को फांसी घर विवाद से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। समिति के सामने पेश होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार और राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा।
इस दौरान Arvind Kejriwal ने कहा कि अगर उनसे दिल्ली के विकास से जुड़े सवाल पूछे जाते तो उन्हें ज्यादा खुशी होती। उन्होंने कहा कि उनसे पूछा जाता कि सीवर व्यवस्था कैसे सुधरेगी या सड़कें कैसे बेहतर बनेंगी तो वह अपने अनुभव साझा करते, लेकिन मौजूदा सरकार का मकसद केवल राजनीति करना है।
मीडिया से बातचीत में Arvind Kejriwal ने कहा, "दिल्ली विधानसभा का परिसर ऐतिहासिक बिल्डिंग है. अंग्रेजों के जमाने में जब कलकत्ता से दिल्ली राजधानी ट्रांसफर की गई थी तो उस वक्त 1912 में ये बिल्डिंग बनाई गई थी. इस बिल्डिंग में 2022 में तत्कालीन स्पीकर राम निवास गोयल के प्रयास से ये पता चला कि एक कोने में एक फांसी घर था. उस फांसी घर में स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी. तत्कालीन स्पीकर ने बतौर सीएम मुझे बुलाया कि इसको हमें टूरिस्ट के लिए खोलना चाहिए ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सकें. मैंने उसे खोला."
फांसी घर विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए Arvind Kejriwal ने कहा, "अब जबसे इनकी सरकार आई है, ये साबित करने में लगे हुए हैं कि ये फांसी घर नहीं था, टिफिन रूम था. मैं समझता हूं कि स्वतंत्रता सेनानियों का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता. मुझे साबित करने को कहा गया कि ये फांसी घर है. मैंने कहा कि आप मुझे बताइए कि आपके पास क्या सबूत है कि ये टिफिन रूम था. इनके पास कोई सबूत नहीं है. इसका मतलब है कि ये जान बूझकर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने के लिए, वो फांसी घर नहीं था ये साबित करने में लगे हुए हैं."
इस दौरान Arvind Kejriwal ने दिल्ली की मौजूदा स्थिति को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, "मेरा कहना है कि जब से बीजेपी की सरकार आई है, दिल्ली का बुरा हाल हुआ पड़ा है. दिल्ली वाले रो रहे हैं. दिल्ली वाले वापस आम आदमी पार्टी की सरकार को याद कर रहे हैं. चारों तरफ दिल्ली में कूड़ा ही कूड़ा है. पॉल्यूशन का बहुत बुरा हाल है. सड़कें टूटी पड़ी हैं. पानी-बिजली के हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं. चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. मैंने कहा कि टाइम खराब करने के लिए केवल ये मुद्दा मिला है."
फांसी घर को लेकर छिड़े इस विवाद ने दिल्ली की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
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