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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Aug 22, 2026 12:24 PM

Sushant Golf City पर बड़ा फैसला! अधूरे काम अब LDA करेगा पूरे, हजारों Homebuyers को मिलेगी राहत

लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी के हजारों खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों और खरीदारों की समस्याओं को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने पूरी परियोजना को अपने नियंत्रण में लेने की तैयारी तेज कर दी है।

Sushant Golf City पर बड़ा फैसला! अधूरे काम अब LDA करेगा पूरे, हजारों Homebuyers को मिलेगी राहत

लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी के हजारों खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों और खरीदारों की समस्याओं को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने पूरी परियोजना को अपने नियंत्रण में लेने की तैयारी तेज कर दी है। प्राधिकरण ने परियोजना के टेकओवर का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद LDA खुद इस टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

सुशांत गोल्फ सिटी में लंबे समय से सड़क, सीवर, ड्रेनेज, पेयजल, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई काम अधूरे बताए जा रहे हैं। LDA के आकलन के अनुसार, परियोजना को पूरा करने और उससे जुड़ी लंबित देनदारियों के निपटारे में करीब 2,211 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें लगभग 1,693.90 करोड़ रुपये केवल अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने में खर्च किए जाने की संभावना है।

2,211 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान, सड़क से लेकर सीवर तक होंगे काम

LDA की योजना के तहत सुशांत गोल्फ सिटी में अधूरी पड़ी बुनियादी सुविधाओं को पूरा किया जाएगा। इसमें सड़क निर्माण, सीवेज सिस्टम, ड्रेनेज, पेयजल पाइपलाइन, बिजली उपकेंद्र और पार्कों से जुड़े कार्य शामिल हैं।

प्राधिकरण के आकलन के मुताबिक परियोजना में करीब 50 किलोमीटर सड़क का निर्माण अभी बाकी है। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल पाइपलाइन और ड्रेनेज सिस्टम का काम भी अधूरा है। टाउनशिप में करीब 10 छोटे-बड़े बिजली उपकेंद्रों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

बची जमीन की बिक्री से देनदारियां चुकाने की योजना

LDA ने शासन को भेजे प्रस्ताव में परियोजना में उपलब्ध बची हुई जमीन के इस्तेमाल और उसकी बिक्री से मिलने वाली आय के जरिए लंबित देनदारियों का भुगतान करने की योजना बताई है। इसी आय का इस्तेमाल अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने में भी किया जाएगा।

परियोजना के टेकओवर और विकास कार्यों की निगरानी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। हालांकि, पूरी परियोजना को अपने हाथ में लेने के लिए LDA को National Company Law Tribunal (NCLT) से भी आवश्यक अनुमति लेनी होगी। शासन की मंजूरी और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विकास कार्य शुरू किए जा सकेंगे।

3,000 बंधक प्लॉट में से 1,000 बेचने का आरोप

सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना में विकास कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए LDA ने करीब 3,000 भूखंड बंधक रखे थे। व्यवस्था के तहत यदि विकासकर्ता निर्धारित विकास कार्य पूरा नहीं करता तो इन भूखंडों को बेचकर प्राप्त राशि से कॉलोनी का विकास कराया जाना था।

हालांकि, आरोप है कि बंधक रखे गए करीब 1,000 भूखंडों को भी बेच दिया गया। इस मामले ने परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल और बढ़ा दिए हैं।

164 हेक्टेयर जमीन को लेकर भी सामने आई अनियमितता

जांच समिति की रिपोर्ट में ग्राम समाज और नगर निगम की करीब 164 हेक्टेयर जमीन को भी बेचे जाने का उल्लेख किया गया है। LDA अब इस जमीन को शासन से नि:शुल्क प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने 21 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। रिपोर्ट में सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई थी।

Buyers की समस्याओं का समाधान LDA की Priority

LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, सुशांत गोल्फ सिटी का विकास अब प्राधिकरण की ओर से खुद कराने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के खरीदारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

अगर शासन और NCLT से जरूरी मंजूरियां मिल जाती हैं, तो LDA के टेकओवर के बाद सुशांत गोल्फ सिटी के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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