होम ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान बार-बार कर रहा फोन, लेकिन जारी रहेगा हमला
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच Donald Trump ने बड़ा दावा किया है कि भारी सैन्य नुकसान के बाद ईरान अब बातचीत की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के कारण ईरान की सैन्य क्षमता तेजी से कमजोर हो रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच Donald Trump ने बड़ा दावा किया है कि भारी सैन्य नुकसान के बाद ईरान अब बातचीत की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के कारण ईरान की सैन्य क्षमता तेजी से कमजोर हो रही है।
एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौते के लिए संपर्क कर रहा है, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि अब इसके लिए काफी देर हो चुकी है।
कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, "वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि समझौता कैसे किया जाए. मैंने उनसे कहा कि अब आप थोड़ा देर से आए हैं."
उनका कहना था कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं लगातार ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बना रही हैं, जिससे उसकी सैन्य ताकत तेजी से कम हो रही है।
ट्रंप ने दावा किया कि संयुक्त सैन्य अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, जैसे ही ईरान मिसाइल लॉन्च करता है, कुछ ही मिनटों में उसके लॉन्चर को नष्ट कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा, "अमेरिकी सेना और हमारे इजरायली सहयोगी मिलकर दुश्मन की ताकत को तय समय से पहले ही पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं."
साथ ही उन्होंने यह भी कहा, "जैसे ही वे मिसाइल छोड़ते हैं, चार मिनट के भीतर ही उस लॉन्चर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाता है."
ट्रंप के मुताबिक इस सैन्य अभियान में ईरान की नौसेना और वायु रक्षा प्रणाली को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि तीन दिनों में ईरान के 24 जहाज नष्ट कर दिए गए हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान की एंटी-एयरक्राफ्ट क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है। उनके अनुसार, "उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार खत्म हो चुके हैं इसलिए उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है, उनके पास कोई एयर डिफेंस नहीं है."
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान की करीब 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और 64 प्रतिशत लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही नष्ट किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान के सुरक्षा तंत्र के भीतर के लोग मौजूदा नेतृत्व से अलग होते हैं तो वाशिंगटन देश के लिए एक अलग भविष्य का समर्थन करने को तैयार है।
ट्रंप ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा बलों से हथियार डालने की अपील करते हुए कहा, "मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, मिलिट्री और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील कर रहा हूं."
इसके साथ ही उन्होंने विदेशों में तैनात ईरानी राजनयिकों से भी मौजूदा नेतृत्व का साथ छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हम दुनिया भर में ईरानी डिप्लोमैट्स से भी अपील करते हैं कि वे शरण मांगें और एक नया और बेहतर ईरान बनाने में हमारी मदद करें."
ट्रंप ने कहा कि इस सैन्य अभियान का असर लंबे समय में पूरे क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर तेज किए गए हमलों के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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