होम मिडिल ईस्ट में जंग, लेकिन भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी, विदेशी मुद्रा भंडार पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत की खबर सामने आई है। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कतर और कुवैत जैसे देशों को निशाना बनाया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत की खबर सामने आई है। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कतर और कुवैत जैसे देशों को निशाना बनाया है। साथ ही ईरान ने वैश्विक तेल व्यापार के अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है।
इन तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। देश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़कर अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
Reserve Bank of India द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.88 अरब डॉलर बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
इससे पहले वाले सप्ताह में कुल भंडार 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.60 अरब डॉलर रह गया था। वहीं 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में यह 725.72 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था।
आरबीआई के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.12 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर में व्यक्त इन परिसंपत्तियों पर यूरो, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग और जापानी येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का भी प्रभाव पड़ता है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य 4.14 अरब डॉलर बढ़कर 131.63 अरब डॉलर हो गया। इसके अलावा विशेष आहरण अधिकार (SDR) 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.87 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
आंकड़ों के मुताबिक इसी अवधि में International Monetary Fund के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.87 अरब डॉलर हो गई।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना भारत की आर्थिक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।