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समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 23, 2021 09:27 PM

महामारी के बीच नई उम्मीदों के साथ तोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत

महामारी के बीच नई उम्मीदों के साथ तोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत

महामारी के बीच नई उम्मीदों के साथ तोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत

पिछले एक साल से भी अधिक समय से दुनिया को अपनी गिरफ्त में लेने वाली कोविड-19 महामारी के भय को पीछे छोड़ते हुए 32वें ओलंपिक खेलों की एक साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद शुक्रवार को यहां रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ शुरुआत हो गयी जिसमें जापानी संस्कृति और प्रौद्योगिकी की झलक देखने को मिली। जापान के सम्राट नारूहितो ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक, आयोजन समिति की प्रमुख सीको हाशिमोतो, कई अन्य हस्तियों तथा 205 देशों के खिलाडिय़ों की मौजूदगी में खेलों के शुरुआत की घोषणा की। इससे एक महीने पहले ही उन्होंने ओलंपिक के दौरान कोरोना वायरस फैलने को लेकर ङ्क्षचता जतायी थी।

उन्होंने कहा, ''मैं आधुनिक युग के 32वें ओलंपिक खेलों का जश्न मनाते हुए तोक्यो खेलों की शुरुआत की घोषणा करता हूं। '' दर्शकों के बिना आयोजित किये जा रहे ओलंपिक खेलों के उदघाटन समारोह में भी भावनाओं का ज्वार उमड़ता दिखा और ऐसे में 'भावनाओं से एकजुट' की इसकी विषय वस्तु भी कार्यक्रम के अनुकूल रही। तोक्यो में जब रात घिर आयी थी तब यहां का ओलंपिक स्टेडियम दमक रहा था जिससे उठी नयी उम्मीद की धमक पूरे विश्व में सुनायी दे रही थी। बाक ने अपने उद्घाटन भाषण में खेलों की एकजुट करने की क्षमता का उल्लेख किया और साथ ही महामारी के बीच खेलों का आयोजन करने के लिये जापान का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ''आज उम्मीद का पल है। आइए हम इस पल को संजोएं, क्योंकि आखिरकार हम एक साथ यहां हैं। कुल 205 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों और आईओसी शरणार्थी ओलंपिक टीम के एथलीट, ओलंपिक गांव में एक साथ एक छत के नीचे रह रहे हैं। यह खेल की एकजुट करने की शक्ति है।'' महामारी के कारण सभी देशों के कम खिलाडिय़ों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। कुछ खिलाडिय़ों के अगले दिन प्रतियोगिताएं होने और बीमारी के संक्रमण से बचने के लिये समारोह में भाग नहीं लिया। ओलंपिक मार्च पास्ट की शुरुआत हमेशा की तरह यूनान से हुई जहां पहले ओलंपिक खेल हुए थे। सभी टीमों के खिलाड़ी अपनी पांरपरिक वेषभूषा में दिखे और उन्होंने कुछ लोकप्रिय वीडियो गेम के संगीत पर स्टेडियम में प्रवेश किया। मेजबान जापान का दल सबसे आखिर में स्टेडियम में पहुंचा जिसके बाद आतिशबाजी का एक और दौर देखने को मिला।

भारत 25वीं बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रहा है और इस बार उसने अपना सबसे बड़ा दल उतारा है। भारतीय दल जापानी वर्णमाला के अनुसार 21वें नंबर पर आया। पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और छह बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरीकॉम के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था और उनके साथ भारत के अन्य खिलाडिय़ों और छह अधिकारियों के चेहरे पर मुस्कान और जोश दिख रहा था। भारत के 127 खिलाडिय़ों सहित 228 सदस्यीय दल ओलंपिक में भाग ले रहा है लेकिन इनमें से केवल 20 खिलाडिय़ों को उदघाटन समारोह में भाग लिया। जब उदघाटन समारोह चल रहा था उस समय भी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी ओलंपिक आयोजन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस को उन्हें हटाने के लिये कार्रवाई करनी पड़ी। तोक्यो दूसरी बार ओलंपिक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले उसने 1964 में ओलंपिक का सफल आयोजन किया था लेकिन उदघाटन समारोह में शुरू में उस दिन को याद किया गया जब 2013 में उसने मेजबानी हासिल की थी।

समारोह की शुरुआत तोक्यो 2020 के प्रतीक को प्रर्दिशत करने के लिये 20 सेकेंड तक नीली और सफेद रंग की आतिशबाजी के साथ की गयी जिसे जापानी संस्कृति में शुभ माना जाता है। समारोह में विविधता में एकता, शांति और एकजुटता पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वस्थ रहना है तो अच्छी फिटनेस आवश्यक है का संदेश देता नृत्य आकर्षक था। ट्रेडमिल पर दौड़ती अकेली महिला अरिसा सुबाता संदेश दे रही थी खिलाडिय़ों ने महामारी के दौरान भले ही अकेले अभ्यास किया लेकिन वे रुके नहीं, वे हारे नहीं। सुबाता नर्स भी हैं और मुक्केबाज भी। जापान के सम्राट नारूहितो और बाक एक साथ स्टेडियम में पहुंचे। इसके बाद स्टेडियम में जापान का ध्वज फहराया गया। जापान का ध्वज लेकर चलने वालों में एक स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल था और इस तरह से महामारी के दौरान चिकित्सार्किमयों के योगदान को सराहा गया।

उदघाटन समारोह के दौरान उन लोगों और पूर्व ओलंपियनों को भी याद किया गया जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण जान गंवायी। इस दौरान म्यूनिख 1972 ओलंपिक में आतंकवादी हमले में मारे गये इजरायली खिलाडिय़ों, 2011 के भूकंप और सुनामी में मारे गये लोगों का भी उल्लेख किया गया। इन सभी की याद में एक मिनट का मौन रखा गया। जापान की प्रसिद्ध गायिका मिसिया ने राष्ट्रगान गाया। ओलंपिक के पांच चक्र भी रंगारंग कार्यक्रम के बीच स्टेडियम में लाये गये। इन रिंग को उन पेड़ों से तैयार किया गया है जिन्हें ओलंपिक 1964 के दौरान जापान के खिलाडिय़ों ने लगाया था। खेलों में योगदान देने के लिये आईओसी ने बांग्लादेश के नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को 'द ओलंपिक लॉरेल' से सम्मानित किया।

ओलंपिक में पहली बार खिलाडिय़ों, जजों और प्रशिक्षकों की तरफ से एक पुरुष और एक महिला ने शपथ ली। खिलाडिय़ों की तरफ से यामागाता रियोता (एथलेटिक्स) और इशिकावा कासुमी (टेबल टेनिस) ने शपथ ली। तोक्यो 2020 का प्रतीक चिन्ह बनाने के लिये 1824 ड्रोन का उपयोग किया गया था जो आकर्षक था। उदघाटन समारोह में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं देने का फैसला कई सप्ताह पहले किया था। इसको देखने के लिये स्टेडियम में 1000 हस्तियां ही उपस्थित थी जिसमें अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडेन भी शामिल हैं। समारोह का आकर्षण निश्चित तौर पर 205 देशों और शरणार्थी टीम के खिलाड़ी थे जो पिछले एक साल से महामारी और आशंकाओं के बीच अपनी तैयारियां कर रहे थे। पहली बार उदघाटन समारोह में केवल 10,400 लोगों ने हिस्सा लिया जिसमें लगभग 6000 खिलाड़ी और टीम अधिकारी शामिल थे। खेलों से जुड़े लोग और विशेष अतिथियों की संख्या लगभग 900 के करीब थी जबकि बाकी संख्या प्रसारण और मीडियाकर्मियों की थी।

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