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समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 2, 2021 09:01 PM

पंजाब, राजस्थान के बाद हरियाणा कांग्रेस में रार, 19 विधायकों ने लीडरशिप के खिलाफ खोला मोर्चा

पंजाब, राजस्थान के बाद हरियाणा कांग्रेस में रार, 19 विधायकों ने लीडरशिप के खिलाफ खोला मोर्चा

पंजाब, राजस्थान के बाद हरियाणा कांग्रेस में रार, 19 विधायकों ने लीडरशिप के खिलाफ खोला मोर्चा

कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राजस्थान और पंजाब के बाद अब हरियाणा में भी कांग्रेस पार्टी में बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। यहां 19 कांग्रेस विधायकों ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की है। इन सभी विधायकों ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल से इस बारे में मुलाकात की है। इस मीटिंग में शामिल रहे एक कांग्रेस विधायक के मुताबिक सभी 19 विधायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हूडा को प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में देखना चाहते हैं। वहीं इस मीटिंग में यह बात भी रखी गई है कि हरियाणा में पिछले आठ साल से पार्टी के पास जिलाध्यक्ष तक नहीं है। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा में 2014 से सत्ता से दूर है। फिलहाल उसके पास यहां कुल 31 विधायक हैं।

वहीं मीटिंग के बाद पवन बंसल ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि कोरोना पैंडेमिक के चलते लंबे समय से विधायकों से मुलाकात नहीं हुई थी। ऐसे में राज्य के राजनीतिक हालात के बारे में फीडबैक लेने के लिए विधायकों को बुलाया गया था। साथ ही पार्टी के आर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर और पंचायत चुनाव के संबंध में भी उनसे सुझाव लिए गए हैं। वहीं इस मीटिंग में शामिल हुए हरियाणा कांग्रेस के एक सीनियर लीडर का कहना है कि, विधायकों का कहना है कि पार्टी को मजबूती देने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी लेवल पर नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत है। यह स्पष्ट कहा गया है कि पार्टी को एक ऐसे मजबूत नेता की जरूरत है जो प्रदेश में राजनीतिक समीकरणों को पार्टी हित में मोड़ सके। इसके लिए सभी ने भूपिंदर सिंह हूडा को अहम भूमिका सौंपने का सुझाव दिया है।

इस वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इस पार्टी में और ज्यादा कांग्रेस विधायक शामिल होने थे। लेकिन अलग—अलग वजहों से सभी नहीं पहुंच सके। वहीं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने 19 कांग्रेस विधायकों की बंसल से मुलाकात ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि विधायक अपने पार्टी इंचार्ज से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर विधायक पवन बंसल से मिलते हैं तो इसमें मुझे इस बात में कोई अनुशासनहीनता नजर नहीं आती। यह उनका अधिकार है। कुमारी सैलजा ने कहा कि अंत में बंसल साहब ने भी सारी स्थितियां स्पष्ट कर दीं हैं कि मीटिंग किस बारे में थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह महसूस नहीं किया कि पार्टी के 19 विधायक प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ पार्टी इंचार्ज से मिलने गए हैं। किसी विधायक की तरफ से इस तरह का कोई बयान भी नहीं जारी हुआ है।

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