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पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा पर गृह मंत्रालय एक्शन में
नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने राज्य में चुनाव परिणाम के बाद विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर की गई हिंसा को लेकर सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट तलब की। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद कथित तौर पर बीजेपी समेत विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। एक प्रवक्ता ने ट्वीट किया, '' गृह मंत्रालय ने राज्य में चुनाव परिणाम के बाद विपक्षी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर की गई हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है।''
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि हुगली जिले के पार्टी कार्यालय में आगजनी की गई और राज्य में शुभेंदु अधिकारी समेत उसके कई नेताओं को तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा निशाना बनाया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
बता दें कि बीजेपी ने रविवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हुगली जिले में उसके पार्टी कार्यालय को आग लगा दी और शुभेंदु अधिकारी समेत उसके कुछ नेताओं के साथ हाथापाई की। पार्टी ने कहा कि यह सब तब किया गया जब चुनाव परिणामों में दिखा कि ममता बनर्जी की पार्टी बंगाल में अपनी सत्ता कायम रखने वाली है। हुगली में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों को सजा दी जाएगी।
स्थानीय बीजेपी नेता ने दावा किया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनकी पार्टी की प्रत्याशी सुजाता मंडल की हार होने के तुरंत बाद भगवा दल के आरामबाग कार्यालय को आग लगा दी। हालांकि, तृणमूल के सूत्रों ने इन आरोपों से इनकार किया है। स्थानीय बीजेपी नेता ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी की हार का बदला लेने के लिए आगजनी की और हमारे पार्टी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया।'
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों पार्टियों के समर्थक उत्तर 24 परगना के बारासात इलाके में चुनाव के नतीजों को लेकर तीखी बहस के बाद मारपीट पर उतर आए थे। भाजपा ने भी दावा किया कि उसके एक सदस्य को तृणमूल कार्यकर्ताओं ने शहर के बेलाघाट इलाके में बुरी तरह से पीटा।
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