होम आखिर पुडुचेरी में भी गिरी कांग्रेस सरकार, अब राष्ट्रपति शासन या भाजपा बनाएगी सरकार
आखिर पुडुचेरी में भी गिरी कांग्रेस सरकार, अब राष्ट्रपति शासन या भाजपा बनाएगी सरकार
नई दिल्ली। दक्षिण भारत के इकलौते केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी की सत्ता सोमवार को कांग्रेस के हाथ से चली गई। राज्य में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद नारायणसामी की सरकार अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस-डीएमके के गठबंधन वाली सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज निवास जाकर उपराज्यपाल तमिलसाईं सुंदरराजन को अपना और अपने मंत्रियों का इस्तीफा सौंप दिया।
उपराज्यपाल तमिलसाईं सुंदरराजन ने उन्हें शाम पांच बजे तक बहुमत साबित करने के लिए कहा था। वहीं स्पीकर ने घोषणा की कि विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जाता है। अब देखना यह है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है या विपक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करता है। पुडुचेरी में 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 15 सीटें मिली थीं। पार्टी ने डीएमके और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार का गठन किया था। पांच साल बाद कांग्रेस से एक-एक करके विधायकों ने इस्तीफा दे दिया जिससे पार्टी का सियासी समीकरण बिगड़ गया। रविवार को कांग्रेस और डीएमके के एक-एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया जिससे सरकार अल्पमत में आ गई थी। बता दें कि राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 14 है।
विपक्ष के पास है बहुमत का आंकड़ा
पुडुचेरी की विधानसभा में कुल 33 सदस्य हैं। इसमें 30 सदस्य निर्वाचित जबकि तीन नामित सदस्य होते हैं। कांग्रेस के पांच और डीएमके के एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया था जबकि एक सदस्य को अयोग्य ठहरा दिया गया था। इसके बाद विधानसभा में सदस्यों की संख्या 26 हो गई थी। इसमें से कांग्रेस-डीएमके गठबंधन सरकार के पास 11 और विपक्ष के पास 14 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में विपक्ष के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत है। मगर यह देखना होगा कि विपक्ष सरकार गठन का दावा पेश करती है या नहीं। हालांकि राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। यदि विपक्ष सरकार नहीं बनाती है तो इस स्थिति में उपराज्यपाल तमिलसाईं सुंदरराजन यहां राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला कर सकती हैं।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।