होम मछुआरों की मौत पर भारत ने श्रीलंका से सख्त विरोध दर्ज कराया
मछुआरों की मौत पर भारत ने श्रीलंका से सख्त विरोध दर्ज कराया
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को संसद को बताया कि श्रीलंकाई नौसेना के जहाज से मछुआरों की नौका टकराने और चार मछुआरों की मौत पर भारत ने श्रीलंका से सख्त विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस जयशकंर ने गुरुवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में बताया कि 18 जनवरी को मछुआरों की नाव और श्रीलंकाई नौसेना के एक जलयान के आपस में टकराने के कारण चार मछुआरों की मौत हो गई थी।
इस घटना के संबंध में भारतीय उच्चायुक्त ने श्रीलंका के विदेश मंत्री के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज करवाया था। नई दिल्ली स्थित श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त के समक्ष भी सख्त राजनयिक विरोध दर्ज करवाया गया है। उन्होंने कहा कि मछुआरों की मृत्यु पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए सरकार ने संबंधित मुद्दों को मानवीय ढंग से निपटाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस बात पर बल दिया गया कि दोनों सरकारों के बीच मौजूदा समझौतों का सख्ती से पालन किया जाए और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित करने के सभी संभव प्रयास किए जाएं।
विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय मछुआरों की सुरक्षा और हिफाजत को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। जैसे ही किसी भारतीय मछुआरों के गिरफ्तार होने की रिपोर्ट मिलती है, सरकार राजनयिक माध्यमों से श्रीलंका की सरकार के साथ उस मुद्दे को उठाती है। जयशंकर ने कहा कि भारतीय मछुआरों से संबंधित मुद्दों को उच्चतम स्तरों पर उठाया जाता है। इस बारे में पिछले साल सितंबर में आयोजित वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने श्रीलंकाई प्रधानमंत्री के साथ बातचीत की थी। 5-7 जनवरी की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने ने भी श्रीलंका के मात्स्यिकी मंत्री से भारतीय मछुआरों से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।