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LAC से अचानक पीछे हटने लगी चीनी सेना, भारत से नौवें दौर की बैठक में बनी थी सहमति
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले नौ महीनों से तनातनी का केंद्र बिंदु रही पैन्गोंग झील के दक्षिणी और उत्तरी तट से बुधवार को अचानक चीन की सेना ने पीछे हटना शुरू कर दिया है। चीनी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ऐसा चीन और भारत के बीच कमांडर-स्तरीय वार्ता के नौवें दौर की बैठक में बनी सहमति के अनुसार किया जा रहा है। हालांकि अभी भारत की ओर से चीनी रक्षा मंत्रालय के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में पैन्गोंग झील के तट से सैन्य विघटन की रिपोर्ट पर एक बयान जारी कर सकते हैं।
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल वू कियान ने एक लिखित बयान में कहा कि चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक के 9वें दौर की बैठक में दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के अनुसार चीनी और भारतीय सशस्त्र बलों ने एक साथ व्यवस्थित रूप से विघटन शुरू किया है, जो चरणबद्ध तरीके से चलेगा। उन्होंने अपने बयान में कहा कि सहमति के अनुसार पैन्गोंग झील के दक्षिणी और उत्तरी तट पर चीनी और भारतीय सशस्त्र बलों की सीमावर्ती इकाइयां आज एक साथ सीमा से पीछे हटने के लिए साथ आईं हैं। भारत और चीन दक्षिणी पैन्गोंग झील के किनारे तैनात अपने-अपने बख्तरबंद वाहन वापस खींचने पर सहमत हुए हैं लेकिन सैनिकों की तैनाती पहले की तरह बरकरार रहेगी।
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अप्रत्याशित रूप से जिस तरह गतिरोध शुरू हुआ था, उसी तरह अचानक विघटन शुरू होना भी अप्रत्याशित ही है। सीमा पर चीन और भारत का एक साथ विघटन शुरू होने पर 9 महीने से आमने-सामने तैनात सेनाओं के बीच स्टैंड-ऑफ समाप्त होने की संभावना बढ़ी है। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भी चीनी रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा कि चीनी कमांडर-स्तरीय वार्ता के नौवें दौर के दौरान दोनों पक्षों के बीच पहुंची सहमति के अनुसार पैन्गोंग झील के दक्षिणी और उत्तरी किनारे पर चीनी और भारतीय सीमा सैनिकों ने बुधवार को विघटन शुरू कर दिया है। पैन्गोंग झील पिछले 9 महीनों से पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच टकराव का केंद्र बिंदु रही है।
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