होम खेती के बारे में समझ नहीं रखने वाले किसानों के बने हितैशी: मुख्तार नकवी
खेती के बारे में समझ नहीं रखने वाले किसानों के बने हितैशी: मुख्तार नकवी
कानपुर। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर हमलावर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ये (पिटे हुए पॉलिटिकल प्लेयर्स) हार की हताशा में किसानों को गुमराह करने की कोशिश में लगे हैं।
यह आरोप भी लगाया कि खेती के बारे में समझ नहीं रखने वाले किसानों के हितैशी बन गए हैं। जबकि पूरे देश के किसान इस बात से संतुष्ट हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर कृषक के साथ आत्मनिर्भर कृषि बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
शनिवार को कानपुर में सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा,(यह पूरा मुद्दा) आपराधिक साजिश की संदूक और किसानों के कंधे पर बंदूक का है। ये जो लोग किसानों के कंधें पर बंदूक रखकर घूम रहे हैं वो बिल्कुल अतार्किक बात कर रहे हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, सरकार ने पूरी गारंटी दी है कि न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) हटेगा,न तो मंडियां खत्म होंगी और न ही किसानों की जमीन पर किसी तरह का खतरा है। फिर भी (मोदी बैसिंग ब्रिगेड) इस आंदोलन में आ गए हैं। इन लोगों का काम सिर्फ प्रधानमंत्री के बारे में बुरा-भला कहना है। ये लोग किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादातर किसान इस बात को समझ गए हैं।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर बहुत सारी बातें चलती रहती हैं, लेकिन इसमें जो अच्छा लगे उसे ही चुनना चाहिए। वे बोले कि कुछ पिटे हुए पॉलिटिकल प्राणी भारत का दुष्प्रचार करने में छह वर्षों से लगे हैं। इतना ही नहीं वे लगातार भारत को असहिष्णु देश घोषित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। कोरोना संकट के समय हमारे समक्ष कई चुनौतियां थीं जिनका सरकार और देशवासियों ने डटकर मुकाबला किया। साथ ही इस दौरान हमने टिड्डियों के साथ फिसड्डियों का हमला भी झेला और दोनों का बखूबी सामना किया।
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