होम क्या पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बेअसर हो जाएंगे मोदी सरकार के कृषि कानून?
क्या पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बेअसर हो जाएंगे मोदी सरकार के कृषि कानून?
कृषि सुधार (Agri reforms) के नाम पर लाए गए मोदी सरकार (Modi Government) के तीन कानूनों के खिलाफ किसानों का गुस्सा अभी थमने का नाम नहीं ले रहा. इस बीच कांग्रेस शासित पंजाब की सरकार ने इन कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास कर तीन नए बिल पेश किए. जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) न देने पर 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान भी है. ऐसे ही बिल कांग्रेस शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकार भी लाने वाली हैं. वहां भी केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ प्रस्ताव आएगा. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या कोई विधानसभा संसद द्वारा पास कानूनों को खारिज कर सकती है और क्या उसके खारिज कर देने से केंद्र का कानून निष्प्रभावी हो जाएगा? हर किसी के मन में यह सवाल घूम रहा है. इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. आप आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा में पारित कृषि कानूनों को फर्जी बताते हुए इसकी वैधता पर सवाल उठाया है. हालांकि, पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तर्क दिया है कि कृषि (Agriculture) राज्य का विषय है, लेकिन केंद्र ने इसे नजरअंदाज कर दिया. केंद्र सरकार ने संविधान का उल्लंघन किया हैं. पंजाब ने देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है. अब उन्हीं किसानों को बर्बाद किया जा रहा है. क्या यह इंसाफ है?
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