होम खड़से निकले तो उद्धव ने BJP को दे डाली नसीहत, बोले-नींव के पत्थर क्यों खिसक रहे
खड़से निकले तो उद्धव ने BJP को दे डाली नसीहत, बोले-नींव के पत्थर क्यों खिसक रहे
हाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने एकनाथ खड़से (Eknath Khadse) के भाजपा छोड़ने पर तंज कसा है. एकनाथ खड़से ने बुधवार को भाजपा को छोड़ने का फैसला किया और वह जल्द नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल होंगे. उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा पार्टी को इस बारे में सोचना चाहिए कि जब वह सफलता के चरम पर पहुंच रही है, तो फिर उसकी नींव के पत्थर क्यों खिसक रहे हैं. ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा कि खड़से का शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के सत्तारूढ़ महाराष्ट्र विकास अघाडी (एमवीए) परिवार में 'निश्चित तौर पर स्वागत' है.
खड़से ने बढ़ाया है बीजेपी का जनाधार
राज्य के जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल ने घोषणा की कि महाराष्ट्र भाजपा में काफी समय से नाराज चल रहे खड़से शुक्रवार को राकांपा में शामिल होंगे. ठाकरे ने कहा कि खड़से उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में (भाजपा के) दिवंगत नेताओं, प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे के साथ पार्टी (भाजपा का) जनाधार बढ़ाया. शिवसेना प्रमुख ने कहा कि खड़से की एक अलग पहचान है, वह एक योद्धा हैं और बेबाक बोलने वाले नेता हैं.
बीजेपी को सोचना चाहिएठाकरे ने कहा, 'जब एकनाथजी खड़से जैसा कोई नेता, जिन्होंने भाजपा की बुनियाद मजबूत की, पार्टी छोड़ते हैं तो भाजपा को इस बारे में सोचना चाहिए कि ऐसे समय में उसकी नींव के पत्थर क्यों खिसक रहे हैं, जब वह सफलता के चरम पर पहुंच रही है.' उन्होंने कहा कि यदि नींव का पत्थर ही निकलकर बाहर चला जाए, तो ऐसे में सफलता के चरम पर पहुंचने का क्या मतलब रह जाता है.
मुख्यमंत्री, पिछले हफ्ते भारी बारिश और बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए उस्मानाबाद जिले के दौरे पर हैं.
बोले- हम बीजेपी के पुराने दोस्त, इसलिए सतर्क करना जरूरी
उन्होंने कहा, 'इससे पहले, हमने (शिवसेना) राजग छोड़ दिया, शिरोमणि अकाली दल ने भी हाल ही में यह गठबंधन (राजग) छोड़ दिया. अब खड़से भाजपा के साथ नहीं हैं. इसलिए, भाजपा को इस बारे में सोचना चाहिए. भाजपा का पुराना मित्र होने के नेता उसे सतर्क करना मेरा कतर्व्य है.'
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