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क्या भारत में कोरोना का पीक आकर चला गया?
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में दूसरे पायदान पर है. अब तक देश में 61 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 96 हज़ार से ज्यादा इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं. महामारी के इन डरावने आंकड़ों के बावजूद अच्छी खबर ये है कि पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना के नए मामलों में कमी देखी गई है. साथ ही रोज़ाना आने वाले मामलों से ज्यादा अब ठीक होने वाले लोगों की संख्या है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या भारत में कोरोना का पीक आकर जा चुका है? या फिर अभी भी आना बाकी है. इसी तरह के कई ज़रूरी सवालों को लेकर एबीपी न्यूज़ ने एम्स के डायरेक्टर संदीप गुलेरिया से बातचीत की.
संदीप गुलेरिया से पूछे गए तमाम ज़रूरी सवाल और उनके जवाब
भारत में पिछले कुछ दिनों से लगातार केस बढ़ रहे थे, लेकिन अब कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है तो क्या पीक आकर जा चुका है या पीक आने वाला है, वहीं कहा जा रहा है कि अगले महीने ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है तो क्या सेकंड वेव आने वाली है?
अगर हम देखें तो पिछले कुछ दिनों में हमारे आंकड़े बढ़ रहे थे, अब कुछ हद तक स्टेबलाइज हुए हैं नंबर, दिल्ली में भी और देश में भी. अगर यही ट्रेंड 10 दिन से 2 हफ्ते के लिए रहता है तो हम यह कह सकते हैं कि हमारा कर्व फ्लैट हो चुका है और फिर धीरे धीरे केस कम होने चाहिए. लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है, क्योंकि कुछ दिन और यह ट्रेंड बना रहना चाहिए. अपने पुराने अनुभव से हमें यह पता है कि कुछ दिन केस कम होते हैं और फिर बढ़ सकते हैं. मेरा मानना है कि अभी हमें बहुत सतर्क रहने की जरूरत है. दो कारण हैं, जिसकी वजह से केस बढ़ सकते हैं. एक ये कि अगले महीने से हमारे यहां त्यौहार शुरू हो रहे हैं. दुर्गा पूजा है, दशहरा है और कई त्यौहार हैं जो पूरे देश में मनाए जाते हैं, जहां लोग इकट्ठा होते हैं और अगर लोग ध्यान ना रखें, फिजिकल डिस्टेंस का ध्यान ना रखें, भीड़ हुई तो फिर केस बढ़ सकते हैं. दूसरा यह कि मौसम बदल रहा है. मौसम में ठंड के कारण वायरल इनफेक्शन बढ़ने के चांस होते हैं. इसीलिए अगले महीने हमें ज्यादा सतर्क रहना पड़ेगा. तो अगर हम सतर्क रहें तो केसेस नहीं बढ़ेंगे और आहिस्ता आहिस्ता कम होना शुरू हो जाएंगे.
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