होम Mallikarjun Kharge Rally: खरगे की रैली स्थल के शुद्धिकरण पर भड़के अखिलेश, बोले- अपमान सहने के मूड में नहीं
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। 8 अगस्त को हुई कांग्रेस की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने के मामले को कांग्रेस ने दलितों के अपमान से जोड़ा है।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। 8 अगस्त को हुई कांग्रेस की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने के मामले को कांग्रेस ने दलितों के अपमान से जोड़ा है। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना को सामाजिक भेदभाव का गंभीर उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दलित समाज से आते हैं और इसी वजह से उनके संबोधन वाले मंच का शुद्धिकरण किया गया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा, “भाजपा के राज में सामाजिक भेदभाव का ये निकृष्टतम रूप है कि हल्द्वानी में जिस मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष माननीय मल्लिकार्जुन खरगे का संबोधन हुआ, उसका कुछ प्रभुत्ववादियों ने सिर्फ़ इसलिए शुद्धीकरण किया क्योंकि आदरणीय खड़गे जी दलित समाज से आते हैं. भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को ‘मंच नहीं अपने कलुषित मन का गंगाजल से शुद्धीकरण’ करना चाहिए.”
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आगे सामाजिक समानता और भेदभाव को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “अब कहाँ हैं तथाकथित समरसता की बात करनेवाले वो विभेदकारी लोग, जिन्हें समानता नहीं सुहाती. अब इस तरह के हर सामाजिक दुर्व्यवहार व मानसिक उत्पीड़न के लिए पीडीए समाज एकजुट होकर जवाब देगा. अब पीडीए समाज अपना अपमान सहने के मूड में नहीं है.
सपा अध्यक्ष के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में भी हल्द्वानी की घटना को लेकर बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इस पूरे मामले को सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए बीजेपी और उसके समर्थकों पर सवाल उठाए हैं।
हल्द्वानी में रैली स्थल के शुद्धिकरण का मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी जाति या धर्म के खिलाफ टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया था।
खरगे ने इस घटना को बीजेपी और उसके समर्थकों की मानसिकता से जोड़ते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। मामले को लेकर राज्यसभा में भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। बीजेपी की ओर से जेपी नड्डा ने खरगे के आरोपों पर असहमति जताई और मामले में कार्रवाई की बात कही।
हल्द्वानी में कांग्रेस की यह सभा उत्तराखंड कांग्रेस की ओर से आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिस्सा लिया था। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर खरगे ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर संगठन को मजबूत करने और लोगों से जुड़ने की अपील की थी।
हालांकि, रैली के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण की घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया। कांग्रेस ने इसे दलितों के अपमान से जोड़कर बीजेपी को घेरा, जबकि अब इंडिया गठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले में बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
इस विवाद के बीच सामाजिक भेदभाव, समानता और दलित सम्मान का मुद्दा एक बार फिर उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा के केंद्र में आ गया है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।