होम बॉर्डर पर तनाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने रद्द नहीं किए चीन के प्रोजेक्ट्स
बॉर्डर पर तनाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने रद्द नहीं किए चीन के प्रोजेक्ट्स
लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पिछले हफ्ते हुई हिंसक झड़प के बाद भारत में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है. कई राज्यों में चीनी ठेके रद्द भी किए जा रहे हैं. हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने चीनी परियोजनाओं को 'रद्द नहीं' किया है, लेकिन उन्हें अगली सूचना तक 'यथा स्थिति' (Status Quo) में डाल दिया है.
भारत और चीन के बीच पिछले हफ्ते गलवान घाटी में हिंसक झड़प से ठीक पहले, महाराष्ट्र सरकार ने सामूहिक रूप से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 3 चीनी कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया था.
पुणे के तालेगांव में निवेश
महाराष्ट्र सरकार ने 3 चीनी कंपनियों (हेंगली इंजीनियरिंग, पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस जेवी विद फोटान, और ग्रेट वॉल मोटर्स के साथ करार किया था. ये तीनों कंपनियां पुणे जिले के तालेगांव में निवेश करेंगी.
हेंगली इंजीनियरिंग कंपनी 250 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जबकि पीएमआई ऑटो सेक्टर में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और ग्रेट वॉल मोटर्स 3,770 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक ऑटोमोबाइल कंपनी स्थापित करेगी.
लेकिन इस करार के बाद भारत-चीन सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई जिसमें 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद से ही चीन के प्रति देश में खासा आक्रोश देखा जा रहा है और चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग भी जोर पकड़ रही है.
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