होम दुकानदारों की बढ़ी मुश्किलें, किराया को लेकर मकान मालिक से करना पड़ रहा है मोल-भाव
दुकानदारों की बढ़ी मुश्किलें, किराया को लेकर मकान मालिक से करना पड़ रहा है मोल-भाव
कोरोनावायरस और लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति के बीच मकान मालिक और किरायेदारों के बीच उहा-पोह की स्थिति हो गई है। किरायदारों को मकान मालिक को अपने दुकान का किराया देना महंगा पड़ रहा है। साउथ एक्सटेंशन पार्ट 2 मार्केट में अपने इले्ट्रॉनिक्स शॉप के लिए मंथली किराया करीब ₹300000 देना अब दुकानदारों को भारी पड़ रहा है। 3 महीने से लॉक डाउन की वजह से ये दुकानें नहीं खुल रही थी और उधर मकान मालिक किराया कम करने को तैयार नहीं हो रहे थे। मकान मालिकों ने लॉकडाउन की अवधि के लिए सिर्फ 20 परसेंट रेंट माफ करने का भरोसा दिलाया है बशर्ते जून और आगे का नियमित और पूरा किराया मिले।
दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में दुकान चलाने वाले समीर भाटिया ने कहा कि पिछले लगभग ढाई महीने से बिक्री नहीं हैं और मार्केट खुलने के बावजूद भी ग्राहक सामान लेने नहीं आ रहे हैं। उनकी बिक्री आज भी कम है। फिलहाल लॉकडाउन के बाद अनलॉक की ओर बढ़ रहे देश में भले ही दुकानों को खोलने की इजाजत मिल गई है लेकिन पहले के मुकाबले सिर्फ 10 फ़ीसदी ही बिक्री हो रही है। ऐसे में दुकानदार भी अब दुकान बंद कर घर बैठना चाहते हैं लेकिन मकान मालिकों के पास एडवांस डिपाजिट अब बाधा बन रहा है जिसका बड़ा हिस्सा कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक गवाना पड़ सकता है।
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