होम कोरोना संकट : लोन ईएमआई पर ली है छूट तो फ्चूयर में आ सकती है ये दिक्कत

समाचारअर्थ व बाजार Alert Star Digital Team Jun 10, 2020 07:18 PM

कोरोना संकट : लोन ईएमआई पर ली है छूट तो फ्चूयर में आ सकती है ये दिक्कत

कोरोना संकट : लोन ईएमआई पर ली है छूट तो फ्चूयर में आ सकती है ये दिक्कत

कोरोना संकट : लोन ईएमआई पर ली है छूट तो फ्चूयर में आ सकती है ये दिक्कत

 कोरोना संकट को देखते हुए आरबीआई ने रिटेल लोन लेने वालों को कर्ज चुकाने के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय दिया है। आरबीआई की इस घोषणा के मद्देनजर बैंकों ने अपने ग्राहकों को 3-3 महीनों का दो बार अतिरिक्त समय दिया है। मगर ऐसा नहीं है कि ये मोहलत फ्री में मिल रही है। बल्कि ईएमआई शुरू होने पर इसके लिए ब्याज देना होगा। मगर क्रेडिट स्कोर बिगड़ने के अलावा असल नुकसान लोन (होम, कार या कॉर्पोरेट) इस मोहलत का फायदा लेने पर जो ग्राहकों को होगा वो है 'हाई रिस्क' का तमगा लगना। दरअसल जब ऐसे ग्राहक फ्यूचर में फ्रेश लोन के लिए आवेदन करेंगे तो बैंक उन्हें अधिक जोखिम वाले कस्टमर के रूप में देखेगा। इतना ही नहीं इस मोहलत का फायदा लेने वाले ग्राहक को अधिक जोखिम वाला मान कर बैंक नए लोन के लिए किए गए आवेदन को रद्द भी कर सकते हैं।

मोहलत लेने वाले के सामने दिक्कत

एक क्रेडिट ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक वास्तव में जो ग्राहक 6 महीनों की अतिरिक्त मोहलत ले रहा है इसका मतलब साफ है कि उसके कैश फ्लो में दिक्कत है। वैसे भी मौजूदा माहौल में कर्ज देना बैंकों के लिए जोखिम भरा है। इसलिए किसी को भी शॉर्ट टर्म लोन देने से पहले उनका मोहलत लेने वाले ग्राहकों पर ध्यान देना निश्चित है। बैंक भविष्य में डिफॉल्ट को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए अपने मौजूदा ग्राहकों के डेटा के विश्लेषण के लिए क्रेडिट ब्यूरो के संपर्क में हैं।

क्या है आरबीआई का अंदाजा

आरबीआई ने अनुमान लगाया है कि बैंकिंग सिस्टम में बकाया कुल 100 लाख करोड़ रुपये में से ऋण स्थगन मोहलत राशि 38.68 लाख करोड़ रुपये है। प्राइवेट बैंकों ने खुलासा किया है कि उनके 25-30 फीसदी लोन इसी मोहलत के दायरे में हैं। वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंकों और बंधन बैंक के 90 फीसदी तक लोन इस कैटेगरी में हैं।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)