होम आपके पीएफ बचत को लगेगा दोहरा झटका, कोरोना संकट में EPFO ने लिया ये फैसला
आपके पीएफ बचत को लगेगा दोहरा झटका, कोरोना संकट में EPFO ने लिया ये फैसला
अगर आपके कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में नए वित्त वर्ष के दौरान कोई डिपॉजिट नहीं हुई तो सरप्राइज न हों. लॉकडाउन की वजह से कैश फ्लो को झटका लगा है, जिसकी वजह से यह डिपॉजिट नहीं हो पा रहे हैं. 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के अब चौथे चरण का ऐलान कर दिया गया है. इसके मद्देनर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को EPF अकाउंट में देर से डिपॉजिट करने की अनुमति दे दी है.
क्या है डिपॉजिट का मौजूदा नियम
EPF के नियमों के तहत, अगले महीने की 15 तारीख तक सभी नियोक्ताओं को कर्मचारियों के EPF खाते में डिपॉजिट कर देना होता है. 10 दिन के ग्रेस पीरियड के बाद नियोक्ताओं (Employers) को पेनाल्टी भी देनी पड़ती है. उदारहण की मदद से समझें तो मार्च महीने की ईपीएफ योगदान (EPF Contribution) को 15 अप्रैल तक डिपॉजिट कर देना होता है. इसके बाद नियोक्ताओं को 25 अप्रैल तक ग्रेस पीरियड के मिलता है. अगर 25 तारीख तक यह डिपॉजिट नहीं होता है तो पेनाल्टी देनी होती है.
EPFO ने क्या कहा?लॉकडाउन की वजह से वित्तीय संकट को देखते हुए, EPFO ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें कहा है कि लॉकडाउन की पूरी अवधि के दौरान अगर EPF अकाउंट में डिपॉजिट नहीं किया जाता है तो इसके लिए पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी.
EPFO ने नोटिफिकेशन में कहा, 'मौजूदा संकट को ध्यान में रखते हुए डिपॉजिट में देरी करना नियोक्ता द्वारा संभव है, क्योंकि उन्हें वित्तीय परेशानियों से जूझना पड़ रहा है.'
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