होम एनडीडीबी ने किया पीएम के आर्थिक पैकेज का स्वागत कहा- डेयरी क्षेत्र को होगा फायदा
एनडीडीबी ने किया पीएम के आर्थिक पैकेज का स्वागत कहा- डेयरी क्षेत्र को होगा फायदा
एनडीडीबी के अध्यक्ष दिलीप रथ ने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत डेयरी किसानों की कठिनाई को कम करने के लिए डेयरी क्षेत्र को प्रदान किए गए समर्थन का स्वागत किया है। डेयरी क्षेत्र पर कोविद -19 के आर्थिक प्रभाव और लॉकडाउन पर प्रतिबंध लगाने के लिए, सरकार ने डेयरी गतिविधियों (एसडीसी और एफपीओ) में शामिल डेयरी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए एक नई योजना डेयरी क्षेत्र के लिए कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज उपशमन की शुरुआत की।
यह योजना शीघ्र और समय पर पुनर्भुगतान और ब्याज सर्विसिंग के मामले में 2% प्रति वर्ष अतिरिक्त ब्याज प्रोत्साहन के साथ 2% प्रति वर्ष की ब्याज उप-व्यवस्था प्रदान करती है। इससे अधिशेष दूध से निपटने के लिए कार्यशील पूंजी संकट को कम करने और किसानों को समय पर भुगतान को सक्षम करने में मदद मिलेगी। यह योजना राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी और 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता को अनलॉक करेगी।
रथ के मुताबिक उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले देश के कई क्षेत्रों को 15,000 करोड़ रुपये के पशुपालन अवसंरचना विकास कोष के माध्यम से लाभ होगा। यह फंड पहली बार डेयरी प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और पशु चारा बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को बढ़ावा देगा। आला उत्पादों के लिए निर्यात उन्मुख इकाइयों के लिए संयंत्रों की स्थापना भी एक स्वागत योग्य कदम है।
13,343 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम के माध्यम से एफएमडी और ब्रुसेलोसिस को नियंत्रित करने और उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम एक अत्यंत स्वागत योग्य पहल है। यह इन दो बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करेगा, पशुओं की उत्पादकता, उत्पादन और पशु मूल उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में धन का सृजन होगा, किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा और निर्यात के अवसर मिलेंगे।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।