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समाचारविदेश Alert Star Digital Team May 9, 2020 04:26 PM

क्या बच्चों के लिए अलग रास्ता बना रहा है कोरोना वायरस?

क्या बच्चों के लिए अलग रास्ता बना रहा है कोरोना वायरस?

क्या बच्चों के लिए अलग रास्ता बना रहा है कोरोना वायरस?

अब तक यही माना जा रहा है कि कोरोना वायरस (Corona Virus) वयस्कों, खास तौर से उम्रदराज़ वयस्कों और कमज़ोर इम्यूनिटी (Immunity) वालों को ही ज़्यादातर प्रभावित कर रहा है और बच्चों को इससे बहुत कम खतरा है. लेकिन पिछले कुछ हफ्तों के आंकउ़े देखें तो अमेरिका (USA), यूके, फ्रांस, इटली (Italy), स्पेन और स्विटज़रलैंड में करीब 100 ऐसे मामले आए, जिनमें बच्चों में कावासाकी सिंड्रोम (Kawasaki Syndrome) जैसे लक्षण पाए गए. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जांच कर रहा है कि इस सिंड्रोम का कोविड 19 (Covid 19) संक्रमण से क्या संबंध है. क्या है कावासाकी सिंड्रोम?
यह एक ऐसी बीमारी है जिससे रक्तनलिकाएं (Blood Vessels), हृदय और अन्य अंग प्रभावित होते हैं. तेज़ बुखार, लो ब्लड प्रेशर, खराशें और सांस में मुश्किल इसके लक्षण (Symptoms) के तौर पर सामान्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में दिखते हैं. लेकिन, भारत (India) में यह बीमारी इस उम्र से बड़े बच्चों में भी देखी गई है. हृयूमैटिक फीवर (Rheumatic Fever) के बाद यह सबसे बड़ा कारण है, जो बच्चों में दिल के रोग (Heart Disease) पैदा करता है.

भारत में स्थिति नाज़ुक है?कावासाकी सिंड्रोम 5 साल से कम के प्रति 1 लाख बच्चों में 150 को औसतन होता है. ग्लोबल कार्डियोलॉजी साइन्स की एक स्टडी की मानें तो भारत में स्थिति खराब इसलिए है कि बड़े स्तर पर इस रोग की पहचान नहीं हो पाती. दूसरी तरफ, लड़के इस रोग की चपेट में ज़्यादा आते देखे गए हैं क्योंकि लड़कों और लड़कियों में यह रोग होने का अनुपात भारत में 1.5:1 है. हालांकि अब तक भारत में कोरोना दौर में इस सिंड्रोम का कोई मामला डिटेक्ट होने की खबर नहीं है.

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