होम लॉकडाउन का एक महीना पूरा : हालात में सुधार नहीं, 23000 से ज्यादा मरीज
लॉकडाउन का एक महीना पूरा : हालात में सुधार नहीं, 23000 से ज्यादा मरीज
पिछले एक महीने से लॉकडाउन (Lockdown) में सामान्य जनजीवन थम सा गया है. इससे लोगों को कुछ परेशानी तो हुई है, लेकिन राहत है कि इस दौरान सरकार (Government) नहीं रुकी. राज्यों के साथ मिलकर कोविड अस्पताल, लैब, वेंटिलेटर इत्यादि की व्यवस्थाओं में सरकारी मशीनरी जुटा रही. नतीजे में इन 30 दिन में दो गुना (guna) लैब तो चार गुना (guna) रफ्तार से कोरोना विशेष अस्पताल तैयार हो गए.
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक जनता कर्फ्यू (Curfew) के एक दिन बाद 23 मार्च तक 100 सरकारी व निजी प्रयोगशालाओं में संक्रमण की जांच चल रही थी. हर लैब में जांच करना संभव भी नहीं है. आरटी पीसीआर के जरिए एक सैंपल की जांच में दो-तीन घंटे लगते हैं और मशीन भी अलग आती है. बावजूद इसके 23 अप्रैल तक देश में 325 सरकारी व निजी लैब में कोरोना जांच चल रही है. ठीक इसी तरह स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 23 मार्च को देश में 163 कोविड अस्पताल थे जिनमें 41,974 बिस्तरों की क्षमता थी लेकिन अब देश में 736 अस्पताल हैं जहां 1,94026 बिस्तरों की व्यवस्था कर दी गई है.
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।