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कोरोना की वजह से सुनसान सड़कें-बाजार, लोगों ने घरों से निकलना किया बंद
भारत में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। देश में अब तक 271 लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए है। वहीं अब तक इस जानलेवा वायरस से चार लोगों की मौत हो चुकी है। देश में आज कोरोना के 35 नए मामले सामने आए हैं।
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश के विभिन्न शहरों में लॉक डाउन किया जा रहा है। लॉक डाउन होने की वजह से शहर की सड़कें वीरान नजर आ रही है। सड़कों पर वाहनों की संख्या सीमित हो गई है।
जिन शहरों में लॉक डाउन हुआ है, उनमें मध्यप्रदेश का जबलपुर, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई, पुणे, नागपुर और पिंपरी चिंचवाड जैसे शहर शहर शामिल है। इन शहरों में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारियों द्वारा एहतियातन दुकानों को बंद कर दिया गया है।
लॉकडाउन होने के बाद शहर की तमाम दुकानों पर ताला लग गया। लोगों से अपील की जा रही है कि वह गैर-जरूरी कामों के लिए घरोंं से बाहर ना निकले।कोरोना वायरस के मामले जम्मू कश्मीर में भी देखने को मिले हैं। यहां कोरोना वायरस के चार मामले पॉजीटिव आए है। हालांकि शहर में लॉकडाउन नहीं किया गया है, लेकिन लोग एहतियातन घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सड़कें किस तरह वीरान पड़ी हुई है।कोरोना वायरस के चलते भारतीय रेलवे ने 3700 ट्रेनें रद्द कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से जनता कर्फ्यू की अपील की है। इसे सफल बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने अपनी 3700 पैसेंजर और लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। इस कारण रेलवे काउंटरों से लोगों की भीड़ गायब है।कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मंदिरों में सैनेटाइजेशन किया जा रहा है। ऐसा ही नजारा इस मंदिर में देखने को मिला जहां कर्मचारियों द्वारा मंदिरों को सैनेटाइज किया गया है। वहीं, मध्यप्रदेश के दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग मंदिरों ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के प्राधिकारियों ने कोरोना वायरस प्रकोप को देखते हुए भक्तों के प्रवेश पर 31 मार्च तक रोक लगा दी है।लोगों के बीच कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता देखने को मिल रही। सार्वजनिक परिवहनों में यात्रा करने वाले लोग एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाकर बैठ रहे हैं। यह तस्वीर एक सार्वजनिक बस की है, जिसमें बैठे यात्री अपने मुंह को ढके हुए हैं और एक-दूसरे से दूरी भी बनाए हुए हैं।लोगों के मन में लॉकडाउन का डर इस कदर बैठ चुका है कि वह ज्यादा से ज्यादा सब्जियों और खाने की चीजों को खरीद रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा लगातार इस बात को कहा जा रहा है कि लॉकडाउन का प्रभाव उन पर नहीं पड़ेगा। प्रशास ने कहा है कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह नजारा एक सब्जी मंडी का है, जहां लोग रिक्शों पर सब्जियां लेकर जा रहे हैं।इस जानलेवा वायरस के चलते ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में कमी आई है। लोग ट्रेन में यात्रा करने से बच रहे है। ज्यादातर खाली ट्रेन पैसेंजर ट्रेनें हैं, जिसका प्रयोग कम दूरी के लिए किया जाता है। लेकिन जबसे कोरोना का डर लोगों के मन में आया है, वह ट्रेन में यात्रा नहीं कर रहे हैं।
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