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समाचारराजनीति Alert Star Digital Team Feb 20, 2020 04:32 PM

राष्ट्रवाद शब्द का प्रयोग करने से बचें: भागवत

राष्ट्रवाद शब्द का प्रयोग करने से बचें: भागवत

राष्ट्रवाद शब्द का प्रयोग करने से बचें: भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रांची में एक कार्यक्रम में राष्ट्रवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि राष्ट्रवाद शब्द की जगह राष्ट्र या राष्ट्रीय शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए क्योंकि इसमें नाजी और हिटलर की झलक मिलती है. उन्होंने कहा कि आरएसएस का विस्तार देश के लिए है. हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाने का है.

भागवत का कहना है कि राष्ट्रवाद जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका मतलब हिटलर या नाजी से निकाला जा सकता है. ऐसे में राष्ट्र या राष्ट्रीय जैसे शब्दों का प्रमुखता से प्रयोग किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया के सामने आईएसआईएस, कट्टरपंथ और जलवायु जैसी बड़ी चुनौतियां हैं.आरएसएस प्रमुख ने कहा कि विकसित देश अपने व्यापार को हर देश में फैलाना चाहते हैं. इसके जरिए वो अपनी शर्तों को मनवाना चाहते हैं. दुनिया के सामने जो बड़ी समस्याएं हैं उनसे केवल भारत निजात दिला सकता है. हिंदुस्तान को नेतृत्व करने के बारे में सोचना चाहिए. एकता ही देश की अकेली ताकत है. बेशक इसका आधार अलग हो सकता है लेकिन मकसद एक है.

हिंदुत्व के एजेंडे पर आरएसएस बढ़ेगा आगे

भागवत का कहना है कि हिंदू ही एक ऐसा शब्द है जो भारत को दुनिया के सामने सही तरीके से पेश करता है. बेशक देश में कई धर्म हैं लेकिन हर व्यक्ति एक शब्द से जुड़ा हुआ है जो हिंदू है. ये शब्द देश की संस्कृति को दुनिया के सामने दर्शाता है. उन्होंने कहा कि संघ देश में विस्तार के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ता रहेगा जो देश को जोड़ने का काम करेगा. हम सभी को मानवता के साथ जीना सीखना होगा. इसके लिए देश में प्यार काफी जरूरी है. संघ में हम कार्यकर्ताओं को इसे लेकर ही ज्ञान देते हैं.

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