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ममता बनर्जी: पीएम से बात करेंगे लेकिन पहले सीएए वापस हो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए केंद्र को पहले विवादित नागरिकता संशोधन क़ानून वापस लेना होगा.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में आयोजित एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कहा है कि, "ये अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री मोदी बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए उन्हें पहले नागरिकता संशोधन क़ानून वापस लेना होगा. कश्मीर के बारे में फ़ैसला लेने से पहले भी उन्होंने सभी पार्टियों की बैठक नहीं बुलाई थी."
उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि वो सीएए, एनआरसी और एनपीआर को स्वीकार नहीं करेंगी.
इससे पहले पश्चिम बंगाल ने इस विविदित क़ानून के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था.
मोदी: हमने ऐतिहासिक अन्याय को ठीक किया है
देश की राजधानी दिल्ली में नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) की एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने ऐतिहासिक रूप से किए गए अन्याय को दुरुस्त कर दिया है और पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को किए वायदे को पूरा किया है.
"यही गांधी जी की भी इच्छा थी. नेहरू-लियाक़त समझौते की भी यही भावना थी लेकिन ऐसे पीड़ित लोगों से मुंह फेर लिया गया. इन्हीं लोगों के साथ किए गए अन्याय को ठीक करने के लिए जब हम नागरिकता संशोधन क़ानून लाए तो कुछ राजनीतिक दल इसे लेकर विरोध कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "देश युवा है लेकिन देश की सोच युवा हो ये हमारा दायित्व है. लेकिन जो थके हारे लोग सोचने में समर्थ नहीं होते, वो हर बात को आगे टालते रहते हैं. इस प्रवृत्ति के लोग अधिकतर जगहों पर मिलेंगे. और मेरे देश के युवा इस स्थिति को बदलना चाहता है. मेरे देश के युवा ने अब तय कर लिया है कि बस, अब टाला नहीं जाएगा, टकराया जाएगा, निपटा जाएगा."
"हाल में पाकिस्तान की सेना ने आधिकारिक रूप से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए एक विज्ञापन छापा था. इसमें लिखा गया था कि सफाई कर्मचारी के लिए वही लोग अप्लाई कर सकते हैं जो मुसलमान नहीं है. यानी विज्ञापन हमारे दलित भाई बहनों के लिए थे. इसी काम के लिए हिंदुस्तान के लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है."
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