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कपिल सिब्बल ने दी PM मोदी और शाह को CAA पर बहस की चुनौती
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर बहस की चुनौती देते हैं। दरअसल, शाह ने लखनऊ की एक सभा में कहा कि वह राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और मायावती को सीएए पर बहस की चुनौती देते हैं। सिब्बल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर सीएए, एनआरसी और एनपीआर के संदर्भ में नौ झूठ बोलने का आरोप लगाया और सवाल किया कि देश की जनता इन पर कैसे विश्वास करेगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, गृह मंत्री ने कहा कि राहुल जी और अखिलेश जी उनके साथ बहस करें। मैं चुनौती देता हूं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री मेरे साथ बहस करें। समय और जगह का चुनाव वो कर सकते हैं।सिब्बल ने आरोप लगाया, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीएए को लेकर नौ झूठ सामने रख रहा हूं। पहला झूठ यह कि यह कानून भेदभावपूर्ण नहीं है। लगता है कि इन्होंने नागरिकता कानून नहीं पढ़ा है। पहली बार हमारे देश मे नागरिकता धर्म के आधार पर दी जा रही है। उन्होंने कहा, दूसरा झूठ है कि सीएए का एनआरसी से कोई ताल्लुक नहीं है। अमित शाह ने कहा कि पहले यह कानून आएगा और फिर एनआरसी लाया जाएगा। सिब्बल ने दावा किया, तीसरा झूठ यह है कि मोदी ने कहा कि एनआरसी पर कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया है कि एनआरसी लागू की जाएगी। चौथा झूठ यह कि एनआरसी प्रक्रिया अधिसूचित नहीं है, जबकि यह प्रावधान पहले ही 2003 के कानून में है। उन्होंने कहा, पांचवां झूठ यह कि एनआरसी की प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई है। जबकि सरकार ने पिछले साल कहा कि एनपीआर के तहत एनआरसी के लिए डेटा एकत्र किए जाएंगे। छठा झूठ यह है कि एनपीआर का एनआरसी से कोई संबंध नहीं है, जबकि गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि एनपीआर एनआरसी का पहला कदम है। एनपीआर के बिना एनआरसी नहीं हो सकता।
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