होम पंजाब में बदलेगी सिख राजनीति? शिरोमणि अकाली दल में लौटे मनजीत सिंह जीके
पंजाब में बदलेगी सिख राजनीति? शिरोमणि अकाली दल में लौटे मनजीत सिंह जीके
दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और जागो पार्टी के संरक्षक मनजीत सिंह जीके की शिरोमणि अकाली दल में वापसी हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने नई दिल्ली में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल किया है।
इस मौके पर दिल्ली कमेटी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी अकाली दल में शामिल हुए। जीके का एक बार फिर से शिरोमणि अकाली दल बादल पार्टी में शामिल होना सिख राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। इससे पहले कभी धुर विरोधी रहे शिरोमणि अकाली दल बादल और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रमुख परमजीत सिंह सरना ने एक साथ आकर सिख राजनीति की नई शुरुआत की थी। इसका असर दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में भी दिखेगा। वहीं, लोक सभा चुनाव से पहले सुखबीर बादल भी बिखरी पड़ी अपनी पार्टी को एकजुट करने के प्रयास में हैं और रूठे हुए पुराने नेताओं को फिर से अपने साथ जोड़ रहे हैं।
बिना शर्त वापसी कर रहा हूं: जीके
अकाली दल में वापसी के बाद जीके ने कहा कि मैं बिना शर्त वापसी कर रहा हूं। आज हमें सिखों के मुद्दों पर एकजुट होने की जरूरत है। हम पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे और देश के हित हमारे लिए सबसे ऊपर हैं। आज सिखों के मामले पर एकजुट होने की जरूरत है, हम बंदी सिखों की रिहाई के लिए मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में अपनी जागो पार्टी को अकाली दल में विलय की भी घोषणा की।
भ्रष्टाचार के आरोपों में साल 2019 में पार्टी से निकाला था मंजीत सिंह जीके को
साल 2019 में मंजीत सिंह जीके भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे थे और अकाली दल ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसके बाद उन्होंने गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने अपनी नई पार्टी की घोषणा की, जिसका नाम जागो रखा। बादल और जीके परिवार में 73 साल के संबंध रहे हैं।
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