होम महिला आरक्षण बिल पर नहीं मिल रहे जेडीयू-आरजेडी के सुर, नीतीश ने किया स्वागत तो राबड़ी ने विरोध

समाचारदेश Alert Star Digital Team Sep 19, 2023 09:20 PM

महिला आरक्षण बिल पर नहीं मिल रहे जेडीयू-आरजेडी के सुर, नीतीश ने किया स्वागत तो राबड़ी ने विरोध

महिला आरक्षण बिल पर नहीं मिल रहे जेडीयू-आरजेडी के सुर, नीतीश ने किया स्वागत तो राबड़ी ने विरोध

महिला आरक्षण बिल पर नहीं मिल रहे जेडीयू-आरजेडी के सुर, नीतीश ने किया स्वागत तो राबड़ी ने विरोध

महिला आरक्षण बिल को लेकर इंडिया गठबंधन के दो बड़े दलों (आरजेडी और जेडीयू) के सुर नहीं मिल रहे हैं। एक ओर जहां जेडीयू नेता व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला आरक्षण बिल का स्वागत किया है।

नीतीश कुमार ने कहा है कि हम शुरू से ही महिला सशक्तीकरण के हिमायती रहे हैं और बिहार में हमलोगों ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। वर्ष 2006 से हमने पंचायती राज संस्थाओं और वर्ष 2007 से नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। वहीं दूसरी ओर आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने कहा है कि महिला आरक्षण विधेयक में जो 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है उसमें एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित नहीं की गयी है।

जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि हमारी पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करेगी। नीतीश कुमार कई मौकों पर इसकी मांग कर चुके हैं। हालांकि नीतीश कुमार वंचित समूहों की महिलाओं को भी उचित आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या जेडीयू पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए भी कोटे के भीतर सीटें आरक्षित करने की मांग करेगी, त्यागी ने कहा कि पार्टी की जो भी मांग होगी, उसे संसद में रखा जाएगा।

वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लाया गया महिला आरक्षण विधेयक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार द्वारा बहुत पहले महिलाओं को दिए गए आरक्षण से प्रेरित है। जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लाकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार आज जो करता है, कल पूरा देश उसे अपनाता है। उन्होंने कहा 2006 में बिहार महिलाओं को स्थानीय निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना। नीतीश कुमार ने नवंबर, 2005 में मुख्यमंत्री पद संभालने के कुछ ही महीनों में यह साहसिक कदम उठाया था। उन्होंने कहा कि बिहार एकमात्र राज्य है, जहां महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। शिक्षा विभाग में 50 प्रतिशत आरक्षण है। परिणामस्वरूप, अब हमारे पास दो लाख महिला शिक्षक हैं।

इस बीच आरजेडी इस विधेयक को लेकर उत्साहित नजर नहीं आ रही है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा है कि यह विधेयक अपने वर्तमान स्वरूप में सामाजिक न्याय नहीं लाने वाला है। इससे सिनेमा और धारावाहिकों की दुनिया से जुड़ी विशेषाधिकार प्राप्त महिलाएं सामने आएंगी। यह शायद ही संसद में ग्रामीण परिदृश्य को चित्रित करेगा। हमारी पार्टी वर्तमान स्वरूप में इस विधेयक का समर्थन नहीं करती है और 'कोटा के भीतर कोटा' की मांग करती है।

गौरतलब है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने वाला विधेयक जब 1998 में अटल जी की सरकार ने पेश किया था, आरजेडी सांसद सुरेंद्र यादव ने तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हाथ से छीन कर सदन में विधेयक की कॉपी फाड़ दी थी।

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