होम भारत में Energy Crisis का खतरा? रिपोर्ट में दावा- सिर्फ 5 दिन का Strategic Oil Reserve बचा, जानिए कितनी है सच्चाई
पश्चिम एशिया में हालिया तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच भारत के Strategic Oil Reserve को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के पास रणनीतिक भंडार में केवल करीब 5 दिनों की कच्चे तेल की जरूरत पूरी करने लायक स्टॉक बचा है।
पश्चिम एशिया में हालिया तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच भारत के Strategic Oil Reserve को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के पास रणनीतिक भंडार में केवल करीब 5 दिनों की कच्चे तेल की जरूरत पूरी करने लायक स्टॉक बचा है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि यदि भविष्य में वैश्विक सप्लाई चेन दोबारा बाधित होती है तो क्या भारत ऊर्जा संकट का सामना कर सकता है।
वैश्विक कंसल्टेंसी फर्म Ernst & Young (EY) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के रणनीतिक तेल भंडार में इस समय केवल 4.9 दिनों की खपत के बराबर कच्चा तेल सुरक्षित है। रिपोर्ट का कहना है कि यदि किसी बड़े युद्ध, भू-राजनीतिक संकट या वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधान की स्थिति पैदा होती है, तो मौजूदा रणनीतिक भंडार सीमित अवधि तक ही राहत दे पाएगा।
हालांकि, रिपोर्ट में यह दावा ऐसे समय किया गया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बाद शांति समझौते के ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और हालात सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। वर्तमान में देश दुनिया के 40 से अधिक देशों से तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके।
इन देशों में रूस भी शामिल है, जो यूक्रेन के साथ युद्ध के बावजूद लगातार भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति कर रहा है। यही वजह रही कि वैश्विक संकट के दौरान भी भारत में बड़े स्तर पर ईंधन की कमी महसूस नहीं हुई।
EY रिपोर्ट के मुताबिक, रणनीतिक तेल भंडार के मामले में भारत कई प्रमुख देशों से काफी पीछे है। रिपोर्ट में बताया गया है कि:
इसी आधार पर रिपोर्ट ने भविष्य में किसी बड़े वैश्विक संकट की स्थिति में भारत के लिए चुनौती बढ़ने की आशंका जताई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर कच्चे तेल का आयात बढ़ाया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में भारत ने रूस से प्रतिदिन करीब 25 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जो देश के कुल आयातित तेल का 50 प्रतिशत से अधिक बताया गया है।
रिपोर्ट का आकलन है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रूस भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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