होम E20 Petrol को लेकर बड़ा दावा निकला फर्जी! वायरल पोस्टर ने बढ़ाई लोगों की टेंशन, PIB ने बताई पूरी सच्चाई
सोशल मीडिया पर इन दिनों E20 Petrol और इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल पंपों पर सरकार ने ऐसा नोटिस लगा दिया है, जिसमें इथेनॉल मिले पेट्रोल से होने वाली समस्याओं की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया गया है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों E20 Petrol और इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल पंपों पर सरकार ने ऐसा नोटिस लगा दिया है, जिसमें इथेनॉल मिले पेट्रोल से होने वाली समस्याओं की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया गया है। पोस्टर के वायरल होने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि क्या वास्तव में E20 पेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही हैं और सरकार ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। आइए जानते हैं इस वायरल दावे की पूरी सच्चाई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीर लगी हुई है। पोस्टर में दावा किया गया है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर 15 से 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल दिया जा रहा है।
पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि इथेनॉल पानी में घुलनशील होता है, जिससे फ्यूल टैंक में पानी और नमी (मॉइस्चर) की समस्या हो सकती है। इसके चलते वाहन मालिकों को टंकी की सफाई और गाड़ी धुलवाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि यदि इन कारणों से कोई समस्या होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की नहीं होगी। पोस्टर में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के कारण गाड़ी चलाते समय जर्किंग आने की बात भी लिखी गई है।
Fake News Alert!
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 29, 2026
Social media posts are falsely claiming that petrol pumps across India have installed hoardings cautioning customers against the use of Ethanol Blended Petrol (E20).#PIBFactCheck
Beware! No such hoarding has been displayed at Retail Petrol Outlets.… pic.twitter.com/NrAyIMiT6T
इसी पोस्टर के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में लिखा गया है, "सवारी अब सामान की खुद जिम्मेदार है. इथेनॉल की रोज रोज की शिकायतों से तंग आकर आखिरकार गडकरी जी का ऐतिहासिक फैसला. अभी सभी पेट्रोल पंप पर E-20 मिक्स पेट्रोल के इस्तेमाल की वॉर्निंग लगा दी गई है. अब बताओ सरकार को पता है कि इथेनॉल गाड़ियां खराब कर रहा है फिर भी जबरदस्ती थोंप दिया है. क्या सरकार की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है?"
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई लोगों ने E20 पेट्रोल की गुणवत्ता और वाहनों पर उसके असर को लेकर चिंता जताई।
वायरल पोस्टर और दावों की सच्चाई सामने लाते हुए PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी रिटेल पेट्रोल आउटलेट पर ऐसा कोई होर्डिंग या चेतावनी पोस्टर नहीं लगाया गया है। PIB के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पोस्टर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।
PIB ने अपने फैक्ट चेक में यह भी बताया कि इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निर्धारित मानकों के अनुरूप है। इथेनॉल और पेट्रोल पूरी तरह एक-दूसरे में घुल जाते हैं तथा तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार ईंधन में किसी प्रकार की परत या अलगाव की स्थिति नहीं बनती।
PIB के मुताबिक आधुनिक वाहनों में ऐसे सुरक्षा फीचर्स और तकनीक मौजूद हैं जो फ्यूल टैंक में पानी जाने से रोकने में मदद करते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से इंजन फेल होने या वाहन खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है।
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