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समाचारअर्थ व बाजारप्रादेशिकी Alert Star Digital Team Jul 16, 2026 11:10 AM

छत्तीसगढ़: E20 Petrol पर बड़ा फैसला! कार खराब होने पर Vehicle Owner जीता केस, कंपनी को देनी होगी नई Car

देश में E20 पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कंज्यूमर कोर्ट ने पहली बार एक वाहन मालिक के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए माना कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद वाहन में गंभीर तकनीकी समस्याएं सामने आईं।

छत्तीसगढ़: E20 Petrol पर बड़ा फैसला! कार खराब होने पर Vehicle Owner जीता केस, कंपनी को देनी होगी नई Car

देश में E20 पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कंज्यूमर कोर्ट ने पहली बार एक वाहन मालिक के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए माना कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद वाहन में गंभीर तकनीकी समस्याएं सामने आईं। कोर्ट ने कार निर्माता कंपनी को शिकायतकर्ता को नई कार देने या निर्धारित शर्तों के अनुसार पूरी कीमत लौटाने का आदेश दिया है।

E20 पेट्रोल भरवाने के बाद शुरू हुई इंजन की समस्या

शिकायतकर्ता का कहना था कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उसकी कार के इंजन में लगातार खराबी आने लगी। इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हुई, मिसफायरिंग की समस्या सामने आई और वाहन का माइलेज भी कम हो गया।

कार को कई बार सर्विस सेंटर ले जाकर ठीक कराया गया, लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई। इससे वाहन मालिक को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा।

कंपनी और डीलर के दावे से संतुष्ट नहीं हुआ कोर्ट

सुनवाई के दौरान कार निर्माता कंपनी और डीलर ने दावा किया कि संबंधित मॉडल E20 पेट्रोल के अनुकूल है और उसमें इस ईंधन के इस्तेमाल से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

डीलर की ओर से यह भी कहा गया कि वाहन में आई खराबियां मालिक द्वारा उचित रखरखाव नहीं करने और सामान्य टूट-फूट का परिणाम हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2024 में खरीदी गई कार E20 पेट्रोल भरवाने से पहले तक पूरी तरह सामान्य चल रही थी और इसके बाद ही लगातार तकनीकी समस्याएं शुरू हुईं।

कोर्ट ने नई कार देने या 20.50 लाख रुपये लौटाने का दिया आदेश

यह मामला मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के खिलाफ दायर किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद कंज्यूमर कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को उसी मॉडल की नई E20-संगत कार उपलब्ध कराए।

यदि कंपनी निर्धारित समय सीमा में नई कार उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसे वाहन मालिक को कार की पूरी कीमत 20.50 लाख रुपये वापस करनी होगी।

मानसिक प्रताड़ना के लिए भी मिलेगा मुआवजा

कोर्ट ने केवल नई कार या धनवापसी का ही आदेश नहीं दिया, बल्कि शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।

इसके अलावा, मुकदमे का खर्च वहन करने के लिए कंपनी को 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

इंजन में मिला E20 फ्यूल का जमा अवशेष

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने कोर्ट के सामने ऐसे सबूत पेश किए, जिनमें दावा किया गया कि वाहन के इंजन में E20 फ्यूल जमा हुआ मिला था। वर्कशॉप में मरम्मत के बाद भी कुछ समय पश्चात पेट्रोल टैंक में सफेद और चिपचिपा तरल पदार्थ पाया गया और इंजन की स्थिति लगातार खराब होती गई।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर कंज्यूमर कोर्ट ने कार कंपनी को इस मामले में जिम्मेदार मानते हुए वाहन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया।

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