होम शाहजहांपुर: रामायण डीक्लासिफाइड विवादित पुस्तक पर रोक लगाये जाने को वीएचपी ने एसपी को दिया ज्ञापन, विमोचन किया था यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने
हिंदू संगठन ने आक्रोशित होकर एसपी कार्यालय में पहुंचकर एसपी को इस विवादित पुस्तक के लेखक जसमीत साहनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
शाहजहांपुर।(Nandlal Singh) जसमीत साहनी ने रामायण डीक्लासिफाईड नाम की एक किताब लिखी, जिसका विमोचन अभी चार दिन पहले ही एक होटल में हुआ था। किताब के विमोचन में प्रदेश वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कई व्यापारी नेता भी मौजूद थे। किताब का विमोचन होते ही ये किताब विवादों से घिर गई । जिसके बाद इस किताब के लेखक ने इस पुस्तक के प्रकाशन और बिक्री पर रोक लगा दी है। विमोचन के बाद जब हिंदू संगठनों ने इस पुस्तक को पढ़ा तो इस पुस्तक में उन्हें रामायण से संबंधित कई उल्लेख तोड़ मरोड़ कर पेश करे हुए दिखाई दिये। इसी बात को लेकर हिंदू संगठन ने आक्रोशित होकर एसपी कार्यालय में पहुंचकर एसपी को इस विवादित पुस्तक के लेखक जसमीत साहनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है। पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि इस पुस्तक के लेखक जसवीर साहनी ने अपनी पुस्तक रामायण डीक्सिफाइड में कई तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है जिससे हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसे में ना केवल इस पुस्तक पर रोक लगाई जाए बल्कि इसके लेखक के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाए। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच के निर्देश दिए हैं।
पूरा मामला शाहजहांपुर का है जहा कुछ दिन पहले दून इंटरनैशनल स्कूल के डायरेक्टर डॉ. जसमीत साहनी की पुस्तक "रामायण डीक्लासिफाइड" का विमोचन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा किया गया। डॉ. जसमीत साहनी ने बताया कि इस पुस्तक का लिखा जाना बहुत ज़रूरी था। रामायण कथा से संबंधित जो प्रसंग आपने टीवी सीरियल में देखे या लोक कथाओं में सुने हैं, वह मूल रामायण ग्रंथ में दर्ज प्रसंगों से काफ़ी भिन्न हैं। इन्हीं भ्रांतियों को हमने अपना सच्चा इतिहास मान लिया, जिसका लाभ उठा कर सनातन धर्म विरोधियों ने हम पर सदैव प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। यह एक मात्र ऐसी किताब है जो महान ग्रंथ रामायण से संबंधित भ्रांतियों को दूर कर, हमारे सच्चे इतिहास व घटनाओं के बारे में बताती है। इस किताब को पढ़ने के बाद, आपका ना सिर्फ रामायण से संबंधित ज्ञान सशक्त होगा, बल्कि आपके अंदर सनातन इतिहास के प्रति गर्व का भाव भी जाग्रत होगा. इस पुस्तक में कई विषयों पर चर्चा की गई है जैसे:-
:: कैसे बनाया गया था रामसेतु ?
:: क्या रावण के दस सर थे ?
:: कौन थे वानर सेना के वानर ?
:: उस युग में किस भाषा का प्रयोग होता था ?
:: क्या रावण विद्वान था ?
:: लक्ष्मण रेखा का रहस्य ?
:: क्या सुषेण लंका के वैद्य थे ?
"रामायण डीक्लासिफाइड" में दर्ज हैं ऐसे ही 38 अनोखे अध्याय का विमोचन किया गया था।
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