होम अंबेडकर जयंति पर सांसद अरुण सागर ने उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर गोष्ठी आयोजन में लोगों को किया संबोधित
घंटाघर, आवास विकास कालोनी और तिलहर के बिरियागंज में किया माल्यार्पण
शाहजहांपुर में अंबेडकर जयंति पर्व के रूप में मनाई जा रही है। भाजपा सांसद अरुण सागर ने घंटाघर और आवास विकास कालोनी स्थित भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। साथ ही सांसद ने तिलहर के बिरियागंज में भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वहां मौजूद लोगों को मिठाई बांटकर उनको शुभकामनाएं दी। इस दौरान सांसद ने गोष्ठी आयोजन में भीमराव अंबेडकर की जीवनी को लेकर संबोधित भी किया है।
सांसद ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान के रचियता बाबा भीमराव अंबेडकर समाज सुधारक भी थे। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। उन्होंने भारत के संविधान की रचना करते समय यह सुनिश्चित किया कि देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, भाषा या वर्ग से हो, समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त हो। उनका संविधान आज भी हमारा सबसे मजबूत लोकतांत्रिक आधार है।
सांसद ने कहा कि अपने अनुयायियों में बाबा साहेब के नाम से मशहूर आंबेडकर ने अपना सारा जीवन भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष में बिता दिया। उन्होंने भारतीय समाज में समानता लाने के काफी प्रयास किए। उन्होंने दलितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा मजदूर वर्ग व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया।उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की कानूनी विशेषज्ञता और विभिन्न देशों के संविधान का ज्ञान भारतीय संविधान के निर्माण में बहुत मददगार साबित हुआ। उन्हें संविधान निर्माता व संविधान का जनक कहा जाता है। काबिलियत के दम पर वह भारत के पहले कानून मंत्री के पद तक पहुंचे। उनका मानना था कि जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए।
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