होम विजय माल्या का बड़ा दावा- ‘भगोड़ा नहीं हूं’, सरकार से पूछा- मेरा Refund कब मिलेगा?
ब्रिटेन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या एक बार फिर चर्चा में हैं। खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने से नाराज माल्या ने सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट शेयर कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।
ब्रिटेन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या एक बार फिर चर्चा में हैं। खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने से नाराज माल्या ने सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट शेयर कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि वह वर्ष 1992 से यूनाइटेड किंगडम के स्थायी निवासी हैं और मौजूदा कानूनी स्थिति के चलते उन्हें ब्रिटेन छोड़ने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से अपने कथित रिफंड को लेकर भी सवाल उठाया है।
विजय माल्या पर बैंकों से करीब 9,900 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने का आरोप है। इस कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का बताया जाता है। माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर विदेश चले गए थे।
For all who say I am a bhagoda refusing to come to India, please be aware that I have been a permanent resident of the United Kingdom since 1992 and am currently legally prohibited from leaving this country. All this started with poster boy actions by the Government of India who…
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) September 8, 2026
सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में विजय माल्या ने उन लोगों पर निशाना साधा, जो उन्हें भारत लौटने से इनकार करने वाला भगोड़ा बताते हैं। उन्होंने लिखा- “जो लोग कहते हैं कि मैं भारत आने से इनकार करने वाला भगोड़ा हूं, उन्हें बता दूं कि मैं 1992 से यूनाइटेड किंगडम का स्थायी निवासी हूं और अभी कानूनी तौर पर मुझे इस देश से बाहर जाने की मनाही है. यह सब भारत सरकार की 'पोस्टर बॉय' वाली हरकतों से शुरू हुआ, जिन्होंने मेरे मामले में बहुत अन्यायपूर्ण रवैया अपनाया है.”
माल्या का कहना है कि उन्हें जिस तरह से सार्वजनिक तौर पर पेश किया जाता है, वह उचित नहीं है। उन्होंने अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई और मीडिया में होने वाली टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए हैं।
विजय माल्या ने अपनी पोस्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी संपत्ति और फंड अटैच किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनके अटैच किए गए फंड में से किंगफिशर के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए 350 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए गए थे।
उन्होंने आगे लिखा- “उन्होंने आगे लिखा, लोग मुझ पर शक करते हैं, वे खुद इस बात की पुष्टि कर लें कि ED ने मेरे अटैच किए गए फंड से किंगफिशर के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए 350 करोड़ रुपये से ज़्यादा जारी किए थे. मैं भुगतान नहीं कर पाया क्योंकि ED ने मेरी संपत्ति/फंड अटैच कर लिए थे.”
विजय माल्या ने अपने पोस्ट में निष्पक्ष हिसाब-किताब और न्याय की बात करते हुए मीडिया कवरेज पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि लोगों को पूरे मामले के वित्तीय हिसाब-किताब पर भी ध्यान देना चाहिए। माल्या ने सवाल किया कि क्या वह उस व्यवहार के हकदार हैं, जो मीडिया में उनके साथ किया जाता है।
उन्होंने लिखा- “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब और न्याय में विश्वास रखते हैं, वे कृपया नीचे दी गई टेबिल देखें. क्या मैं सच में उस बर्ताव का हकदार हूं जो मीडिया मेरे साथ करता है, जहाँ किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहा जाता है? क्यों न यह पूछा जाए कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा?”
विजय माल्या के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने लोन धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इसके बाद वह लंदन चले गए थे। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने विजय माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शुरू किया था।
जनवरी 2019 में विजय माल्या को भारत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। माल्या लगातार अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों और उन्हें ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर आपत्ति जताते रहे हैं।
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