होम चीन ने LAC पर की एकतरफा बदलाव की कोशिश, समझौता तोड़ा और भेजी सेना; जयशंकर
चीन ने LAC पर की एकतरफा बदलाव की कोशिश, समझौता तोड़ा और भेजी सेना; जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन ने सीमा मुद्दों पर भारत के साथ हुए समझौतों का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि ड्रैगन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एकतरफा बदलाव की कोशिश की, जिसकी वजह से दोनों पड़ोसियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति है।
जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल नहीं रखने को लेकर समझौते हुए हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि हालांकि चीन ने उन समझौतों का पालन नहीं किया, और यही वजह है कि हमारे बीच वर्तमान में तनावपूर्ण स्थिति है।
जयशंकर ने कहा कि हमारा LAC को एकतरफा ढंग से नहीं बदलने का समझौता था, जिसे उन्होंने (चीन) एकतरफा ढंग से बदलने की कोशिश की है। अगर चीन भी यह कहे कि भारत ने समझौतों का पालन नहीं किया तो क्या होगा? इस सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा कि बीजिंग के लिए यह कहना मुश्किल है क्योंकि रिकॉर्ड बहुत स्पष्ट है।
'सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना को सबसे पहले किसने भेजा?'
विदेश मंत्री ने कहा कि आज सैटेलाइट इमेज बहुत अधिक क्लियर हैं। अगर हम देखते हैं कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना को सबसे पहले किसने भेजा, तो मुझे लगता है कि रिकॉर्ड बहुत स्पष्ट है। इसलिए आपने जो कहा, वह चीन के लिए कहना बहुत मुश्किल है। भारतीय सेना के अनुसार, 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक एलएसी पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ कर्मियों को मामूली चोटें आईं।
गलवान के बाद सेनाओं के बीच यह पहली झड़प
जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद से भारत और चीन की सेनाओं के बीच यह पहली बड़ी झड़प थी। दोनों देशों के बीच सीमा गतिरोध को सुलझाने के लिए 17 दौर की बातचीत हो चुकी है। जयशंकर दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में साइप्रस से ऑस्ट्रिया पहुंचे। यह पिछले 27 वर्षों में भारत से ऑस्ट्रिया की पहली विदेश मंत्री स्तर की यात्रा है। यह 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष होने की पृष्ठभूमि में हुई है।
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