होम केरल में पुराने साथियों को साथ लाना चाहती है कांग्रेस, दो पार्टियों ने दिया सीधा जवाब

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jul 25, 2022 10:01 PM

केरल में पुराने साथियों को साथ लाना चाहती है कांग्रेस, दो पार्टियों ने दिया सीधा जवाब

केरल में पुराने साथियों को साथ लाना चाहती है कांग्रेस, दो पार्टियों ने दिया सीधा जवाब

केरल में पुराने साथियों को साथ लाना चाहती है कांग्रेस, दो पार्टियों ने दिया सीधा जवाब

केरल में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने नवसंकल्प चिंतन शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में कांग्रेस ने अपने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) में उन पुरानी पार्टियों को भी शामिल करने की योजना बनाई जो कि विरोधी एलडीएफ के साथ चली गई हैं। हालांकि योजना बनाई ही गई थी कि कांग्रेस को झटका लगना शुरू हो गया है। केरल कांग्रेस (मणि) और लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया है। 


केरल के कोझिकोड में दो दिन के शिवार के खत्म होने के 24 घंटे के बाद ही कांग्रेस को रिजेक्शन मिल गया है। कोझिकोड में कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर ब्लूप्रिंट खींचा था और योजना बनाई थी कि कैसे 2019 के प्रदर्शन को एक बार फिर दोहराया जाएगा। कांग्रेस की योजना थी कि एलडीएफ के कुछ दलों को फिर से यूडीएफ का हिस्सा बनाया जाएगा। बता दें कि 2019 के आम चुनाव में यूडीएफ ने 20 में से 19 सीटों पर जीत हासिल की थी। 

केरल में कांग्रेस चीफ के सुधाकरन ने कहा, 'एलडीएफ अब भी वही फासीवादी अजेंडा अपना रही है जो कि पीएम मोदी केंद्र में चला रहे हैं। बहुत सारे उसके सहयोगी असंतुष्ट हैं और हम उनका यूडीएफ में स्वागत करते हैं।' इसके अलावा 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से दूरी बनाने वाले अल्पसंख्यक समुदाय को भी वापस लाने के लिए इस शिविर में चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दो महीने पहले त्रिक्काकरा में हुए उपचुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय का बड़ा समर्थन मिला है जो कि बरकरार रहना चाहिए।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)