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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jun 13, 2022 09:11 PM

PDA पर जावेद के बजाय बीवी का मकान जमींदोज करने का आरोप

PDA पर जावेद के बजाय बीवी का मकान जमींदोज करने का आरोप

PDA पर जावेद के बजाय बीवी का मकान जमींदोज करने का आरोप

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद उपजी हिंसा के मामले के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के आलीशान भवन को नहीं बल्कि उसकी पत्नी परवीन फातिमा के नाम से पंजीकृत जमीन पर बने मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने बुलडोजर से रविवार को जमींदोज किया है।

फातिमा के वकील के के राय ने सोमवार को पीडीए पर यह आरोप लगाते हुए बताया कि वकीलों के एक समूह ने यह शिकायत इलाहाबाद उच्च न्यायालय में ‘पत्र याचिका' के माध्यम से दायर की है। राय ने बताया कि अधिवक्ता मंच की तरफ से उच्च न्यायालय में रविवार को ऑनलाइन दाखिल ‘लैटर पीटिशन' में बताया है कि ध्वस्त किया गया मकान जावेद का नहीं है। वह मकान उनकी पत्नी परवीन फातिमा के पिता ने उन्हें उपहार स्वरूप दिया था। इस प्रकार पीडीए ने जावेद के बहाने उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज मकान को ध्वस्त किया है।

राय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पीडीए के खिलाफ याचिका में कहा है कि जावेद और उसका परिवार जिस मकान में रहता था उस पर उसका कोई स्वामित्व नहीं था। राय का दावा है कि पीडिए ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जावेद मोहम्मद के नाम से चस्पा किया था, लिहाजा पीडीए परवीन फातिमा के मकान का पुर्ननिर्माण करवाये और मुआवजा देने के साथ इसमें शामिल अधिकरियों को निलंबित कर दंडित करने की मांग की है।

याचिका में बताया गया है कि पीडीए ने 11 जून को परवीन फातिमा के मकान पर ध्वस्ती का नोटिस चस्पा किया था। याचिका में कहा गया है कि नोटिस में पिछली तारीख दर्शाते हुए कहा गया है कि उस तारीख पर किसी ने नोटिस को नहीं लिया। न्यायालय में प्रस्तुत लैटर पीटीशन पर अधिवक्ता मंच की तरफ से राय, अधिवक्ता मोहम्मद सईद सिद्दीकी, अधिवक्ता राजवेन्द्र सिंह, अधिवक्ता प्रबल प्रताप, अधिवक्ता नजमुसाकिब खान, और अधिवक्ता रवीन्द्र सिंह के हस्ताक्षर हैं। 

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