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अफ्रीका से चीते मंगाना और यहां मरने के लिए छोड़ देना, अपनी ही सरकार पर बरसे वरुण गांधी
भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने शनिवार को एक बार फिर अपनी ही सरकार की आलोचना की। वरुण गांधी से अफ्रीका से चीता मंगाए जाने को क्रूरता बताया। इतना ही, उन्होंने आगे कहा कि विदेश से जानवरों को मंगाए जाने के बजाए बेहतर होता कि हम अपने यहां की प्रजातियों का संरक्षण करते।
गौरतलब है कि भाजपा सांसद पहले भी अपनी सरकार और पार्टी लाइन से इतर बयानबाजी करते रहे हैं। उन्होंने मोदी सरकार के विभिन्न फैसलों पर सवाल उठाए हैं।
दर्द को क्यों बढ़ा रहे
वरुण गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि अफ्रीका से चीते मंगाना और उनमें से नौ को विदेशी धरती पर मरने के लिए छोड़ देना क्रूरता नहीं, बल्कि बेरुखी है। उन्होंने कहा कि हमें इन शानदार प्राणियों के दर्द को बढ़ाने के बजाए अपनी स्वयं की लुप्तप्राय प्रजातियों और आवासों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भाजपा सांसद ने आगे लिखा कि विदेशी जानवरों की इस लापरवाह खोज को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। इसके बजाय हमें अपने मूल वन्यजीवों के कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वरुण का बगावती तेवर
बता दें कि यह पहली बार नहीं है वरुण गांधी इस बगावती अंदाज में नजर आए हैं। कुछ ही दिन पहले की बात है जब यूपी के पीलीभीत में मंच से संबोधन के दौरान एक साधु का फोन बजने पर उन्होंने तंज कसा था। वरुण ने यहां तक कह दिया था कि क्या पता यह साधु कल को सीएम बन जाएं। माना गया था कि यह बात उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लक्ष्य करके कही थी। इससे पहले द हिंदू अखबार में लिखे अपने एक आर्टिकल ने वरुण ने अपनी ही सरकार के 5 ट्रिलियन इकॉनमी के दावे पर सवाल खड़े किए थे। इसके अलावा पिछले कुछ वक्त से पार्टी के आयोजनों से दूर रहने लगे हैं।
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