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समाचारराजनीतिप्रादेशिकी Alert Star Digital Team Jan 17, 2026 06:00 PM

BMC में करारी हार के बाद उद्धव ठाकरे का छलका दर्द, बोले- मेयर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आंकड़े नहीं

बीएमसी चुनाव (BMC Election 2026) के नतीजों में सत्ता गंवाने के बाद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। 25 साल तक मुंबई महानगर पालिका पर राज करने वाली शिवसेना (अविभाजित) के हाथ से अब सत्ता की चाबी निकल चुकी है।

BMC में करारी हार के बाद उद्धव ठाकरे का छलका दर्द, बोले- मेयर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आंकड़े नहीं

बीएमसी चुनाव (BMC Election 2026) के नतीजों में सत्ता गंवाने के बाद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। 25 साल तक मुंबई महानगर पालिका पर राज करने वाली शिवसेना (अविभाजित) के हाथ से अब सत्ता की चाबी निकल चुकी है। उद्धव ठाकरे ने जनादेश को स्वीकार करते हुए अपनी हार मानी है, लेकिन साथ ही उन्होंने मुंबई का मेयर बनाने की अपनी अधूरी इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने इस चुनाव में मराठी मानुस के साथ-साथ उत्तर भारतीयों का समर्थन मिलने का भी दावा किया।

'हमारे पास मेयर के लिए आंकड़ा नहीं'

उद्धव ठाकरे ने नतीजों पर बात करते हुए स्वीकार किया कि उनके गठबंधन के पास बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे पास मेयर के लिए आंकड़ा नहीं है लेकिन हमारा मेयर बने ऐसी हमारी इच्छा थी और आज भी इच्छा है. हमारी पार्टी को मराठी के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी वोट दिया है. हमने यह मैंडेट मंजूर कर लिया है. हम लोगों का धन्यवाद करते हैं. उत्तर भारतीय लोगों ने भी हमें वोट किया है."

ठाकरे भाइयों का साथ भी नहीं आया काम

शुक्रवार (16 जनवरी) को घोषित हुए नतीजों में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है। 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत थी, जबकि एनडीए गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया। बीएमसी की सत्ता बचाने के लिए उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई व मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने हाथ मिलाया था, लेकिन यह रणनीति पूरी तरह विफल साबित हुई। 1997 से लगातार नगर निकाय पर शासन करने वाली 'मातोश्री' की पकड़ अब ढीली पड़ गई है।

बीजेपी और शिंदे गुट का दबदबा

आंकड़ों की बात करें तो बीजेपी ने ठाकरे परिवार के गढ़ में बड़ी सेंधमारी करते हुए अकेले 89 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 65 सीटों पर सिमट गई। राज ठाकरे की मनसे (MNS) को 6 और शरद पवार की एनसीपी (SP) को मात्र एक सीट से संतोष करना पड़ा।

अन्य दलों में कांग्रेस ने 24 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के खाते में 8 सीटें गईं। इसके अलावा अजित पवार की एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 2 सीटों पर जीत मिली है।

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