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समाचारदेशविचारकानून Alert Star Digital Team Oct 25, 2025 06:44 PM

Supreme Court Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी सुनवाई 27 अक्टूबर को

देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते मामलों और उनसे जुड़ी घटनाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय विशेष पीठ द्वारा की जाएगी

Supreme Court Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी सुनवाई 27 अक्टूबर को

Supreme Court Stray Dogs Case: देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते मामलों और उनसे जुड़ी घटनाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय विशेष पीठ द्वारा की जाएगी, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया शामिल होंगे।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बनाया गया पक्षकार

सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को अपने आदेश में कहा था कि आवारा कुत्तों का मामला अब सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहेगा। अदालत ने निर्देश दिया था कि देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस मामले में पक्षकार बनाए जाएं, ताकि पूरे देश में एक समान नीति बन सके।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस विषय पर देशभर के हाई कोर्ट में चल रहे समान मामलों को अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लाया जाएगा, ताकि एक "अंतिम राष्ट्रीय नीति" तय की जा सके।

फिलहाल स्थगित है आवारा कुत्तों को छोड़ने पर रोक

11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय गृहों में स्थानांतरित करें और उनके लिए तत्काल शेल्टर होम बनाएं।
हालांकि, उसी आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा था कि उठाए गए कुत्तों को दोबारा छोड़ने पर रोक फिलहाल स्थगित रहेगी।

बच्चों को काटने की घटनाओं पर कोर्ट का स्वतः संज्ञान

यह पूरा मामला उस समय उठा जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों, विशेष रूप से बच्चों को काटने और रेबीज़ फैलने की घटनाओं पर एक मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।
इस रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया था और मामले की निगरानी शुरू की थी।

विरोध के बाद बनी विशेष पीठ

11 अगस्त के आदेश के बाद देशभर में कई पशु अधिकार संगठनों और स्थानीय समूहों ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को केवल हटाना समाधान नहीं है, बल्कि उनके लिए स्थायी पुनर्वास और टीकाकरण नीति बननी चाहिए।
इन्हीं आपत्तियों के बाद मामला अब तीन जजों की विशेष पीठ के पास भेजा गया है, जो आगामी 27 अक्टूबर को इसकी सुनवाई करेगी।

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