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समाचारदेशविचारकानून Alert Star Digital Team Feb 9, 2026 09:53 PM

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार को दिया करारा जवाब, वोटर लिस्ट पर रार

पश्चिम बंगाल में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सोमवार (9 फरवरी, 2026) को हुई सुनवाई के दौरान अदालत में चुनाव आयोग और बंगाल सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार को दिया करारा जवाब, वोटर लिस्ट पर रार

पश्चिम बंगाल में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सोमवार (9 फरवरी, 2026) को हुई सुनवाई के दौरान अदालत में चुनाव आयोग और बंगाल सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. अधिकारियों की नियुक्ति और उनकी रैंक को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि चुनाव आयोग ने भरी अदालत में कह दिया कि एक 'ट्रेंड क्लर्क अनट्रेंड प्रोफेसर से ज्यादा बेहतर होता है.'

अधिकारियों की रैंक और संख्या पर फंसा पेंच

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच मौजूद थी. बंगाल सरकार ने कोर्ट में प्रस्ताव रखा कि वह माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने के लिए 8505 अधिकारी चुनाव आयोग को उपलब्ध कराएगी. हालांकि, चुनाव आयोग ने अधिकारियों की रैंक और प्रशासनिक दिक्कतों का हवाला देते हुए सवाल खड़े कर दिए. कोर्ट में मौजूद सीएम के सलाहकार और पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत ने सफाई दी कि सरकार द्वारा दी गई नई लिस्ट में सभी अधिकारी ERO रैंक से नीचे के हैं.

'हमें ट्रेंड लोग चाहिए, अनट्रेंड नहीं'

चुनाव आयोग की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट डी शेषाद्रि नायडू ने तर्क दिया कि नए अधिकारियों को ट्रेनिंग की जरूरत पड़ेगी और आयोग को तय सीमा में काम पूरा करना है. जब सीजेआई सूर्यकांत ने सुझाव दिया कि 'ये अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों और नाम में मिसमैच को बेहतर समझ सकेंगे', तो चुनाव आयोग ने पलटवार करते हुए कहा, "कई बार ट्रेंड क्लर्क अनट्रेंड प्रोफेसर से अच्छा होता है." आयोग ने कहा कि हम इन अधिकारियों को देखेंगे और जो योग्य होंगे, उनकी जल्द ट्रेनिंग करवाकर काम पर लिया जाएगा.

चुनाव आयोग ने मांगा 48 घंटे का समय

आयोग ने कोर्ट को बताया कि उनके पास अभी 6500 ट्रेंड अधिकारी काम कर रहे हैं. आयोग ने सरकार द्वारा दी गई 8505 अधिकारियों की लिस्ट की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट से 48 घंटे का समय मांगा है. आयोग ने कहा कि हमें यह देखना होगा कि सरकार की लिस्ट में से कौन अधिकारी एसआईआर के काम को कर पाएंगे.

नाम न काटने की मांग पर कोर्ट का इनकार

सुनवाई के अंत में बंगाल सरकार के वकील श्याम दीवान ने कोर्ट से मांग की कि वह चुनाव आयोग को लिस्ट से कोई भी नाम न काटने का आदेश दे. इस पर सीजेआई ने साफ इनकार करते हुए कहा, "हम अभी ऐसा कोई आदेश नहीं देंगे." जब वकील ने दलील दी कि 14 फरवरी को फाइनल लिस्ट आनी है, तो कोर्ट ने कहा कि वे परिस्थिति के हिसाब से ही आगे का निर्णय लेंगे.

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