होम Leh Violence: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट में 6 अक्टूबर को सुनवाई

समाचारदेश Alert Star Digital Team Oct 5, 2025 03:57 PM

Leh Violence: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट में 6 अक्टूबर को सुनवाई

लेह हिंसा मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को सुनवाई करेगा। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की ओर से दायर की गई है।

Leh Violence: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट में 6 अक्टूबर को सुनवाई

Leh Violence: लेह हिंसा मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को सुनवाई करेगा। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की ओर से दायर की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी। याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है।

एनएसए के तहत गिरफ्तारी

लेह पुलिस ने 24 सितंबर को हुई हिंसक झड़पों के बाद 26 सितंबर, 2025 को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें राजस्थान के जोधपुर स्थित जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने उन पर लेह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।

हिंसा की पृष्ठभूमि

सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और उसे संविधान की छठी अनुसूचि में शामिल कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। लेकिन 24 सितंबर को उनका आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने भाजपा कार्यालय में आगजनी की और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। इस दौरान चार लोगों की मौत भी हुई।

हिंसा के बाद पुलिस ने वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि उन्होंने हालात बिगड़ने के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी थी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)