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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Jan 20, 2026 05:52 PM

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की जिद के बीच रूस की एंट्री, लावरोव बोले- यह डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की महत्वाकांक्षा ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस बीच, रूस ने इस मामले में एक ऐसा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है, जिससे नाटो (NATO) देशों की चिंता बढ़ सकती है।

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की जिद के बीच रूस की एंट्री, लावरोव बोले- यह डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की महत्वाकांक्षा ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस बीच, रूस ने इस मामले में एक ऐसा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है, जिससे नाटो (NATO) देशों की चिंता बढ़ सकती है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को मॉस्को में दो टूक कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का 'प्राकृतिक हिस्सा' नहीं है, बल्कि यह एक औपनिवेशिक जीत (Colonial Victory) का परिणाम है। लावरोव का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच इस द्वीप को लेकर तनाव अपने चरम पर है।

'हमारा कब्जा करने का कोई इरादा नहीं'

मॉस्को में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लावरोव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रूस का ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने या उस पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका को भी इस बात की भली-भांति जानकारी है कि मॉस्को का ऐसा कोई प्लान नहीं है। हालांकि, उन्होंने पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए कहा, "पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं. रूस ग्रीनलैंड के आसपास की गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर रख रहा है."

रूस बोला- अपने कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं सहेंगे

लावरोव ने तर्क दिया कि ग्रीनलैंड न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का, यह दूसरी बात है कि अब वहां के लोग इसके आदी हो गए हैं। रूस ने अपनी संप्रभुता और अधिकारों को लेकर कड़ा संदेश भी दिया। लावरोव ने कहा, "रूस हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा. किसी के भी कानूनी अधिकारों को चुनौती नहीं देगा, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को भी हल्के में नहीं लेने देगा. यूरोपीय देशों ने कहा है कि ट्रंप की ग्रीनलैंड टैरिफ घोषणा पिछले साल उनके प्रशासन के साथ हुए ट्रेड डील का उल्लंघन होगी. EU नेता गुरुवार को ब्रसेल्स में एक आपातकालीन सम्मेलन में संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा करेंगे."

सड़कों पर उतरे ग्रीनलैंड के लोग, ट्रंप का विरोध तेज

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिका के पूर्ण नियंत्रण की मांग की। ट्रंप ने अमेरिकी कब्जे का विरोध कर रहे यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की घोषणा भी कर दी है। इस बीच, ग्रीनलैंड के स्थानीय लोग भी अपनी आजादी के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी नूक में 17 जनवरी को हुए प्रदर्शन में लोग अपने देश के झंडे लहराते हुए ट्रंप की मांग का विरोध करते दिखे। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपने का फैसला मंजूर नहीं है और वे अपना भविष्य खुद तय करेंगे।

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