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समाचारदेश Alert Star Digital Team Jan 23, 2026 08:59 PM

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेंगे सेना के मूक योद्धा, ऊंट, कुत्ते और बाज करेंगे मार्च

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड इस बार इतिहास रचने जा रही है। कर्तव्य पथ पर जहां एक ओर अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन और रोबोट अपनी ताकत दिखाएंगे, वहीं दूसरी ओर भारतीय सेना के मूक योद्धा (Silent Warriors) भी पहली बार एक संगठित दस्ते के रूप में मार्च पास्ट करते नजर आएंगे।

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेंगे सेना के मूक योद्धा, ऊंट, कुत्ते और बाज करेंगे मार्च

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड इस बार इतिहास रचने जा रही है। कर्तव्य पथ पर जहां एक ओर अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन और रोबोट अपनी ताकत दिखाएंगे, वहीं दूसरी ओर भारतीय सेना के 'मूक योद्धा' (Silent Warriors) भी पहली बार एक संगठित दस्ते के रूप में मार्च पास्ट करते नजर आएंगे। इस बार परेड में लद्दाख के डबल-हम्प वाले बैक्ट्रियन ऊंट, सियाचिन के जांस्कर पोनी और दुश्मनों के ड्रोन को मार गिराने वाले शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) आकर्षण का केंद्र होंगे।

कैप्टन हर्षिता राघव संभालेंगी कमान

इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनेंगी रिमाउंट एंड वेटनरी कोर (RVC) की कैप्टन हर्षिता राघव। वह सेना के इस एनिमल दस्ते की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी होंगी। कैप्टन राघव ने बताया कि यह दस्ता न केवल सेना की ताकत दिखाएगा, बल्कि देश की रक्षा में इन बेजुबान सिपाहियों के अहम योगदान को भी रेखांकित करेगा। इस दस्ते में 2 बैक्ट्रियन ऊंट, 4 जांस्कर पोनी, 4 रैप्टर्स (शिकारी पक्षी) और 16 सैन्य कुत्ते शामिल होंगे।

लद्दाख के ऊंट और सियाचिन के टट्टू दिखाएंगे दम

परेड में शामिल होने वाले जानवरों की खासियतें भारतीय सेना की भौगोलिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता को दर्शाती हैं:

  • बैक्ट्रियन ऊंट (Bactrian Camels): थलसेना के दस्ते की अगुवाई ये डबल-हम्प वाले ऊंट करेंगे। इन्हें गलवान झड़प के बाद लद्दाख की लॉजिस्टिक विंग में शामिल किया गया था। ये 15 हजार फीट की ऊंचाई पर और माइनस तापमान में भी 250 किलो तक वजन उठाकर चल सकते हैं।
  • जांस्कर पोनी (Zanskar Pony): लद्दाख की यह स्वदेशी नस्ल देखने में छोटी जरूर है, लेकिन ताकत में बेमिसाल है। सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में ये -40 डिग्री तापमान में भी 60 किलो तक वजन ढो सकती हैं।

आसमान में बाज और जमीन पर स्वदेशी श्वान

आधुनिक युद्धनीति और 'आत्मनिर्भर भारत' की झलक भी इस दस्ते में दिखेगी:

  • शिकारी रैप्टर्स (Raptors): परेड में शामिल चार शिकारी पक्षी सेना की एंटी-ड्रोन क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। इनका इस्तेमाल निगरानी और दुश्मन के छोटे ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने के लिए किया जाता है।
  • K9 दस्ता: सेना के कुत्ते, जो बारूदी सुरंगों को खोजने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में माहिर हैं, वे भी कदमताल करेंगे। खास बात यह है कि इस बार मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, कोम्बई और राजापलायम जैसी भारतीय नस्लों के कुत्तों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।
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