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समाचारदेशराजनीति Alert Star Digital Team Jan 23, 2026 08:50 PM

महिला अफसर को गाली देना पड़ा भारी, कांग्रेस ने पूर्व राज्यसभा सांसद को पार्टी से निकाला

कर्नाटक में कांग्रेस ने कड़ा संदेश देते हुए अपने ही नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद राजीव गौड़ा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज करना नेताजी को महंगा पड़ गया।

महिला अफसर को गाली देना पड़ा भारी, कांग्रेस ने पूर्व राज्यसभा सांसद को पार्टी से निकाला

कर्नाटक में कांग्रेस ने कड़ा संदेश देते हुए अपने ही नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद राजीव गौड़ा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज करना नेताजी को महंगा पड़ गया। शिदलाघट्टा की नगर आयुक्त अमृता गौड़ा को फोन पर धमकाने और अपशब्द कहने के आरोप के बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने शुक्रवार को यह सख्त फैसला सुनाया। गौरतलब है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के 10 दिन बाद भी पुलिस आरोपी नेता को ढूंढ नहीं पाई है।

क्या थी 'बड़ी गलती'? (बैनर हटाने पर बवाल)

यह पूरा विवाद 14 जनवरी का है। नगर आयुक्त अमृता गौड़ा ने राजीव गौड़ा की तस्वीर वाला एक बैनर हटा दिया था। आरोप है कि इससे नाराज होकर राजीव गौड़ा ने महिला अधिकारी को फोन किया और उन्हें गालियां दीं। इतना ही नहीं, उन्होंने अधिकारी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। इसके बाद अमृता गौड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

पार्टी ने कहा- 'गंभीर शर्मिंदगी उठानी पड़ी'

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने इस घटना को गंभीरता से लिया।

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष के. रहमान खान ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राजीव गौड़ा को निलंबित किया गया है।
  • नोटिस का नहीं दिया जवाब: इससे पहले 15 जनवरी को उन्हें नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
  • नेताओं के करीबी: राजीव गौड़ा को डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा का करीबी माना जाता है, लेकिन मामला तूल पकड़ने पर डीके शिवकुमार ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही थी।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी- 'महिलाओं का सम्मान नहीं है क्या?'

इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजीव गौड़ा की एफआईआर रद्द करने की याचिका पर उन्हें जमकर फटकार लगाई।

  • कोर्ट का सवाल: जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच ने पूछा, "क्या याचिकाकर्ता को महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है? याचिकाकर्ता इस तरह से कैसे बोल सकता है? एक बार बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते. एक अनियंत्रित ज़ुबान सब कुछ बर्बाद कर सकती है."
  • सरकार से सवाल: कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से भी पूछा था कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं।

बता दें कि राजीव गौड़ा फिलहाल फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

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