होम Ramadan 2026: भारत में दिखा रमजान का चांद, कल रखा जाएगा पहला रोजा, मौलाना खालिद रशीद ने की तस्दीक

समाचारदेश Alert Star Digital Team Feb 18, 2026 07:58 PM

Ramadan 2026: भारत में दिखा रमजान का चांद, कल रखा जाएगा पहला रोजा, मौलाना खालिद रशीद ने की तस्दीक

भारत में रमजान के पवित्र महीने का आगाज हो गया है और करोड़ों मुसलमानों का इंतजार खत्म हुआ। बिहार, असम, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में रमजान का चांद नजर आ गया है।

Ramadan 2026: भारत में दिखा रमजान का चांद, कल रखा जाएगा पहला रोजा, मौलाना खालिद रशीद ने की तस्दीक

भारत में रमजान के पवित्र महीने का आगाज हो गया है और करोड़ों मुसलमानों का इंतजार खत्म हुआ। बिहार, असम, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में रमजान का चांद नजर आ गया है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि गुरुवार (19 फरवरी 2026) को देश भर में पहला रोजा रखा जाएगा। लखनऊ में मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद देखे जाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि रमजान का चांद आसमान में नजर आया है और कल रमजान की पहली तारीख होगी। आज रात से ही मस्जिदों में विशेष नमाज यानी 'तरावीह' का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा।

पटना से लेकर जयपुर तक दिखा चांद

चांद के दीदार को लेकर शाम से ही अलग-अलग राज्यों में गहमागहमी बनी हुई थी। इमारत-ए-शरिया फुलवारी शरीफ पटना के काज़ी रिजवान नदवी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में शुरुआती जानकारी देते हुए कहा था कि, "कई इलाकों से चांद देखे जाने की खबर आई है. हम इसकी जांच कर रहे हैं." बाद में पुष्टि होने पर लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देनी शुरू कर दी। राजस्थान की राजधानी जयपुर और अन्य हिस्सों में बादल छाए होने के बावजूद लोगों की गवाही के आधार पर चांद की तस्दीक की गई है। इस्लाम धर्म में महीनों की गणना चंद्र कैलेंडर के आधार पर होती है, यही वजह है कि हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से तारीखें बदलती रहती हैं और चांद दिखने के अगले दिन से रोजा शुरू होता है।

क्या है सहरी और इफ्तार?

रमजान के इस मुकद्दस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे 30 दिनों तक इबादत करते हैं। सूर्योदय (फज्र की अजान) से पहले खाए जाने वाले भोजन को 'सहरी' कहा जाता है, जिससे रोजे की शुरुआत होती है। वहीं, सूर्यास्त के बाद जब रोजा खोला जाता है, तो उस खानपान को 'इफ्तार' कहते हैं। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान की शुरुआत इस्लामिक कैलेंडर के 9वें महीने में 622 ईस्वी में मदीना में हुई थी। उस वक्त वहां भीषण गर्मी पड़ रही थी, और अरबी में रमजान का अर्थ भीषण गर्मी होता है, इसलिए इसका नाम रमजान पड़ा। अब पूरे महीने इबादत के बाद शव्वाल का चांद दिखने पर ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद मनाई जाएगी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)