होम PM Modi Praises Netanyahu: कांग्रेस का पलटवार, जयराम रमेश बोले, गाजा नरसंहार पर चुप्पी शर्मनाक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रशंसा करने पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह “वास्तव में चौंकाने वाला, शर्मनाक और नैतिक रूप से घोर आपत्तिजनक” है कि..
Israel Palestine News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रशंसा करने पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह “वास्तव में चौंकाने वाला, शर्मनाक और नैतिक रूप से घोर आपत्तिजनक” है कि पीएम मोदी ने एक ऐसे नेता की तारीफ की है, जो गाजा में नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण में हुए इजरायल-हमास युद्धविराम समझौते का स्वागत किया था। उन्होंने इसे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया था।
मोदी के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का नेतन्याहू की “बिना शर्त प्रशंसा करना” भारत की नैतिक स्थिति के खिलाफ है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“प्रधानमंत्री ने गाजा को लेकर नए घटनाक्रम का स्वागत किया और राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना की। लेकिन यह वास्तव में चौंकाने वाला, शर्मनाक और नैतिक रूप से घोर आपत्तिजनक है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू की बिना शर्त प्रशंसा की, जिन्होंने पिछले 20 महीनों से गाजा में नरसंहार छेड़ रखा है।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने फिलिस्तीन की आज़ादी और संप्रभु राष्ट्र के सवाल पर चुप्पी साध रखी है, जबकि भारत ने 1988 में ही फिलिस्तीन को मान्यता दे दी थी और आज दुनिया के 150 से अधिक देश ऐसा कर चुके हैं।
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने कब्जे वाले पश्चिमी तट में इजरायली बस्तियों के लगातार विस्तार पर भी कोई टिप्पणी नहीं की। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा शांति प्रस्ताव का समर्थन तो किया, लेकिन नरसंहार पर चुप्पी साध ली, जो “नैतिक कायरता” है।
पिछले महीने पटना में हुई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में भी गाजा हिंसा पर चर्चा हुई थी। प्रस्ताव में कहा गया था कि गाजा में निर्दोष नागरिकों के नरसंहार पर मोदी सरकार की चुप्पी “शर्मनाक” है।
प्रस्ताव में लिखा गया —
“भारत हमेशा से नैतिक चेतना का प्रतीक रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार ने देश को एक मूक दर्शक बना दिया है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में बने इस समझौते के तहत इजरायल और हमास ने गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई है। यह समझौता दो साल से जारी विनाशकारी संघर्ष में अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है।
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