होम INDIA Bloc Meeting पर मौलाना रजवी का सवाल, बोले- ‘गठबंधन के हुजूम में मुसलमान गायब’; राहुल गांधी को भी दी नसीहत
दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) की बैठक को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) की बैठक को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विपक्षी दलों के इस मंच में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक में किसी प्रमुख मुस्लिम राजनीतिक दल या प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया।
मौलाना रजवी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी दल आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करने के लिए एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि विपक्षी दलों के इस बड़े जमावड़े में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नजर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दलों और नेताओं द्वारा सांप्रदायिकता के खिलाफ आवाज उठाई जाती है, उन्होंने अपनी बैठक और चर्चाओं में भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज में एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने की आवश्यकता है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित संदेश दिखाई नहीं दिया।
मौलाना रजवी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पिछले चुनावी अनुभवों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उनका दावा है कि कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल नहीं बन पाया, जिसका असर चुनावी नतीजों पर पड़ा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस विषय पर आत्ममंथन करने की अपील की।
मौलाना ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करते समय सहयोगी दलों की भूमिका और उनके पिछले व्यवहार का भी आकलन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में उम्मीदवारों के चयन और सीटों के बंटवारे के दौरान राजनीतिक दलों के रुख पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।
गौरतलब है कि 8 जून को दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत 23 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया था। बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
हालांकि, इस बैठक में AIMIM को आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बाद पार्टी की ओर से भी सवाल उठाए गए। AIMIM के नेताओं ने कहा कि विपक्षी एकता की बात करने वाले गठबंधन को सभी वर्गों और विचारों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी और AIMIM की प्रतिक्रियाओं के बाद विपक्षी राजनीति में प्रतिनिधित्व और समावेशिता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले विपक्षी दलों को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समूहों की भागीदारी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना पड़ सकता है।
इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद सामने आई इन प्रतिक्रियाओं ने विपक्षी एकजुटता की बहस को नई दिशा दे दी है।
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